लगातार बारिश से रायपुर के दतरेंगा-मूंड़रा इलाके में बाढ़ जैसे हालात, घरों में घुसा पानी; राहत का इंतजार।

27 सितंबर 2026/रायपुर। राजधानी रायपुर में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के बाद दतरेंगा इलाके के मूंड़रा, भाटागांव, कांदूल और आसपास के गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। 26 सितंबर की दर रात तक कोई अधिकारी टीम नहीं पहुंची,आज भी कई इलाकों में घरों के अंदर तक पानी भर गया है। लोगों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ खाने-पीने के सामान और मवेशियों को सुरक्षित रखने की भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश का पानी घरों के किचन और कमरों तक पहुंच गया, जिससे घर में रखा राशन और अन्य जरूरी सामान भी खराब हो गया। मवेशियों के लिए भी सुरक्षित जगह नहीं बची है। कई परिवार मजबूरी में अपने घरों की छतों पर बैठे हुए हैं, जबकि कुछ लोगों ने समुदाय भवन में शरण ली है।हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि समुदाय भवन तक पहुंचने वाले रास्ते में भी गले तक पानी भरा हुआ है, जिसके चलते वहां पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें तत्काल राहत सामग्री, भोजन और अन्य जरूरी सहायता की जरूरत है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि देर शाम तक प्रशासन की ओर से न तो पर्याप्त राहत सामग्री पहुंची और न ही कोई राहत टीम मौके पर पहुंची। लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के बीच वे अपने स्तर पर ही हालात से जूझने को मजबूर हैं।राजधानी में ही जब बारिश के बाद ऐसे हालात देखने को मिल रहे हैं, तो प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में स्थिति कितनी चुनौतीपूर्ण हो सकती है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रशासन की तैयारियों और राहत व्यवस्था को लेकर अब प्रभावित ग्रामीणों की नजर शासन-प्रशासन की तत्काल कार्रवाई पर है।स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं बचाव टीम भेजी जाए, भोजन और राशन उपलब्ध कराया जाए तथा मवेशियों के लिए सुरक्षित व्यवस्था की जाए।

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