3 अक्टूबर 2026/ रायपुर प्रदेश से मानसून की विदाई हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक आज रायपुर से मानसून की विदाई हो गई है। विदाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई थी पिछले साल मानसून 15 अक्टूबर के आसपास गया था, जबकि इस बार 15 सितंबर से ही विदाई शुरू हो गई थी, लेकिन गहरे अवदाब के कारण बारिश होती रही।
इस सीजन कितना बरसा?
प्रदेश में मानसून सीजन की औसत बारिश 1141.2 mm है, जबकि इस बार 1194.9 mm यानी 104.7% बारिश हो चुकी है। कुल मिलाकर औसत से 4.7 से 5% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।शुरुआत में मायूसी, जुलाई से मेहरबानीमई-जून में मानसून ने निराश किया, लेकिन जुलाई से रफ्तार पकड़ी।जुलाई: सामान्य 375.5 mm के मुकाबले 494 mm बारिश, यानी 132% अगस्त: सामान्य 364.2 mm के मुकाबले 355.3 mm, यानी 98%सितंबर: सामान्य 208.9 mm के मुकाबले 279.3 mm, गहरे अवदाब के कारण ज्यादा बारिश हुई।
कहां खुश, कहां रूठा मानसून?
प्रदेश के 33 जिलों में से 9 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई, यहां किसानों के चेहरे खिले।ज्यादा बारिश वाले जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायपुर, नारायणपुर, मुंगेली, गरियाबंद, धमतरी, बालोद, बलौदाबाजार, बलरामपुर।वहीं 4 जिले ऐसे रहे जहां किसान परेशान रहे।
कम बारिश वाले जिले सरगुजा में 41% कम, जशपुर और बेमेतरा में 36% कम बारिश।बाकी जिलों में सामान्य बारिश दर्ज की गई है।
दो बार बने इस साल बाढ़ के हालाता..
31 जुलाई को प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ के हालात थे। इसके बाद गहरे अवदाब की वजह से सितम्बर के आखरी सप्ताह में जम कर बारिश हुई। प्रदेश में जल प्रलय की स्थिति रही।
कितना तबाही हुआ बाढ़ से,,
इस साल की बारिश में 4 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुई। 4 से अधिक लोगों की मौत की खबर आई। दर्जनों कच्चे मकान बाढ़ और भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुआ। वहीं हजारों एकड़ की फसले चौपट हुई। इस बार एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को मोर्चा सम्हालना पड़ा। प्रदेश की राजधानी में जल भराव के साथ साथ बाढ़ का दंश झेलना पड़ा।













