भारतीय रेलवे की लेटलतीफी से यात्री परेशान, सुविधाओं में सुधार की उठी मांग, रेल नेटवर्क का विस्तार अच्छी पहल, लेकिन आम यात्रियों की समस्याओं को भी प्राथमिकता दे रेलवे —
17 अक्टूबर 2026/रायपुर।** भारतीय रेलवे द्वारा देशभर में रेल नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में नई रेल परियोजनाओं और अधोसंरचना के विकास पर जोर दिया जा रहा है। यह निश्चित रूप से अच्छी पहल है, लेकिन दूसरी ओर ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी, कन्फर्म टिकट नहीं मिलना, जनरल डिब्बों में भारी भीड़ और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में कमी आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।यात्रियों का कहना है कि रेलवे को नई परियोजनाओं और माल परिवहन के साथ-साथ आम जनता की दैनिक यात्रा संबंधी समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। पिछले कई वर्षों से यात्रियों को कन्फर्म टिकट के लिए जूझना पड़ रहा है। वहीं, जनरल डिब्बों में भीड़ इतनी अधिक रहती है कि कई बार यात्रियों के लिए डिब्बे में प्रवेश करना तक मुश्किल हो जाता है।## मालगाड़ियों को प्राथमिकता, यात्री ट्रेनों को इंतजार!रेल परिचालन को लेकर यात्रियों की एक बड़ी शिकायत यह है कि कई मार्गों पर मालगाड़ियों को आगे निकालने के लिए लोकल, मेमू और सुपरफास्ट यात्री ट्रेनों को लंबे समय तक रोक दिया जाता है। इससे दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और जरूरी काम से यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।यात्रियों का सवाल है कि रेलवे का उद्देश्य केवल माल परिवहन और राजस्व बढ़ाना ही नहीं, बल्कि आम जनता को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना भी होना चाहिए। मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के परिचालन में बेहतर समन्वय बनाकर यात्रियों की परेशानी कम की जा सकती है।## सरोना के आगे एक घंटे खड़ी रही मेमूरायपुर क्षेत्र में ट्रेनों की लेटलतीफी का उदाहरण सामने आया, जब यात्रियों के अनुसार एक दिन पहले सरोना स्टेशन के आगे लोकल मेमू ट्रेन करीब एक घंटे तक खड़ी रही। वहीं, अजमेर एक्सप्रेस भी दो घंटे से अधिक देरी से चल रही थी। यात्रियों का कहना है कि इस तरह की स्थिति केवल एक-दो ट्रेनों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई ट्रेनों के परिचालन में देरी के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।ट्रेनों के समय पर नहीं चलने से यात्रियों की आगे की यात्रा प्रभावित होती है। नौकरी, व्यापार, पढ़ाई, अस्पताल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। खासकर दैनिक यात्रियों के लिए यह समस्या लगातार परेशानी बढ़ा रही है।## वरिष्ठ नागरिकों की रियायत बंद होने पर भी सवाल रेलवे द्वारा वरिष्ठ नागरिकों , पत्रकारों को, मिलने वाली रेल किराये में छूट बंद किए जाने को लेकर भी यात्रियों में असंतोष है। बुजुर्ग यात्रियों को पहले मिलने वाली रियायत बहाल करने की मांग समय-समय पर उठती रही है। यात्रियों का कहना है कि महंगाई के दौर में वरिष्ठ नागरिकों को राहत मिलनी चाहिए, ताकि उन्हें यात्रा के दौरान आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े।## रेलवे से यात्रियों की प्रमुख मांगें- ट्रेनों का परिचालन समयबद्ध किया जाए और लगातार हो रही देरी की समीक्षा हो।- जनरल डिब्बों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त डिब्बे और जरूरत के अनुसार नई यात्री ट्रेनें चलाई जाएं।- कन्फर्म टिकट की उपलब्धता बढ़ाने के लिए यात्री क्षमता और मांग के अनुसार व्यवस्था की जाए।- मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के परिचालन में संतुलन बनाया जाए, ताकि यात्री ट्रेनों को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक न रोका जाए।- वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेल किराये में रियायत बहाल करने पर विचार किया जाए।- यात्रियों को ट्रेन की देरी और परिचालन में बदलाव की समय पर जानकारी दी जाए।## आम यात्रियों की सुविधाओं पर भी ध्यान दे सरकाररेल नेटवर्क का विस्तार देश के विकास के लिए आवश्यक है, लेकिन विकास का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब आम यात्री भी बेहतर रेल सेवाओं का अनुभव कर सकें। रेलवे और केंद्र सरकार को चाहिए कि नई परियोजनाओं के साथ मौजूदा रेल व्यवस्था की कमियों को भी दूर किया जाए।**रेलवे से यात्रियों की अपेक्षा है कि उन्हें केवल यात्रा का साधन ही नहीं, बल्कि समय पर पहुंचने की सुविधा, टिकट की उपलब्धता और सम्मानजनक यात्रा का अवसर भी मिले। अब जरूरत है कि आम यात्रियों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए रेल परिचालन और यात्री सुविधाओं में ठोस सुधार किए जाएं।**