20 अक्टूबर 2026/इंदौर
इंदौर देश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर से पुरी, रायपुर और नागपुर की ओर यात्रा करने वाले आम यात्रियों के लिए रेल सफर सुविधाजनक होने के बजाय परेशानी का कारण बनता जा रहा है। यात्रियों की शिकायत है कि ट्रेनों में पर्याप्त सीटें और कोच उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें लंबी दूरी की यात्रा में भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब, निम्न ध्यमवर्गीय और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ता है, जिनके लिए रेल यात्रा आवागमन का सबसे किफायती साधन है।## कन्फर्म टिकट नहीं तो सफर कैसे करें?यात्रियों का सवाल है कि जब स्लीपर, एसी और सिटिंग श्रेणियों में टिकट कन्फर्म नहीं हो रहे हैं, तो आखिर आम आदमी अपनी यात्रा कैसे पूरी करे? लंबी दूरी की यात्रा के लिए यदि टिकट वेटिंग में रह जाता है, तो यात्रियों के सामने यात्रा रद्द करने या दूसरे साधन तलाशने की मजबूरी खड़ी हो जाती है।यात्रियों का कहना है कि इंदौर से पुरी और छत्तीसगढ़ की ओर जाने वाले लोगों के लिए सीमित रेल विकल्प होने के कारण परेशानी और बढ़ जाती है। विशेषकर परिवार के साथ यात्रा करने वाले बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों को पर्याप्त बैठने की जगह नहीं मिलने पर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।## जनरल टिकट लेकर आरक्षित कोच में बैठना आसान नहींरेलवे की आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि सामान्य श्रेणी के टिकट पर लंबी दूरी की ट्रेन में बैठने की पर्याप्त सुविधा नहीं मिलती, जबकि आरक्षित कोचों में सीट उपलब्ध न होने पर उन्हें वेटिंग टिकट के भरोसे रहना पड़ता है।यदि टिकट कन्फर्म नहीं होता, तो यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ सकती है। वहीं, बिना उचित टिकट या निर्धारित नियमों के विपरीत आरक्षित कोच में यात्रा करने पर जुर्माना अथवा अतिरिक्त किराया देना पड़ सकता है। ऐसे में पहले से आर्थिक दबाव झेल रहे परिवारों की परेशानी और बढ़ जाती है।**सवाल यह है कि जब यात्रियों को समय पर कन्फर्म सीट उपलब्ध नहीं हो पा रही है, तो उनकी सुविधा के लिए अतिरिक्त कोच और वैकल्पिक ट्रेनों की व्यवस्था क्यों नहीं की जाती?**## रेलवे की प्राथमिकता में यात्री सुविधा कहां?रेलवे लगातार नेटवर्क विस्तार, नई परियोजनाओं और आधुनिक सुविधाओं की बात करता है। लेकिन यात्रियों का कहना है कि बुनियादी सुविधा यानी समय पर टिकट, बैठने की जगह और भीड़ से राहत भी उतनी ही जरूरी है। केवल रेल नेटवर्क का विस्तार पर्याप्त नहीं है, जब तक मौजूदा ट्रेनों में यात्रियों की संख्या के अनुरूप कोच और सीटें उपलब्ध न हों।आम यात्रियों का मानना है कि रेल यात्रा को सुलभ और किफायती बनाए रखना रेलवे की जिम्मेदारी है। यात्रियों को ऐसी स्थिति में नहीं छोड़ा जाना चाहिए, जहां उन्हें अधिक पैसे खर्च करने के बावजूद आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का भरोसा न मिल सके।## सांसदों और जनप्रतिनिधियों से यात्रियों की मांग इंदौर सहित मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के यात्रियों की मांग है कि रेलवे विभाग इस मार्ग पर यात्रियों की वास्तविक संख्या का आकलन करे और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त स्लीपर, सामान्य तथा सिटिंग कोच उपलब्ध कराए। साथ ही, इंदौर से पुरी, रायपुर और नागपुर की ओर जाने वाली रेल सेवाओं के विकल्प बढ़ाने पर भी गंभीरता से विचार किया जाए।यात्रियों का कहना है कि चुनाव के समय जनसुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद आम लोगों की समस्याएं अक्सर अनदेखी रह जाती हैं। सांसदों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित मंत्रियों को इस समस्या को रेलवे के समक्ष उठाकर ठोस समाधान की पहल करनी चाहिए।## आम आदमी को राहत कब मिलेगी?रेलवे से यात्रियों की अपेक्षा केवल नई घोषणाएं नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था है जिसमें गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार सम्मान के साथ अपनी यात्रा पूरी कर सकें। पर्याप्त कोच, कन्फर्म टिकट की बेहतर उपलब्धता, सामान्य श्रेणी में उचित क्षमता और वैकल्पिक रेल सेवाएं इस दिशा में जरूरी कदम हैं।**सबसे बड़ा सवाल यही है—जब रेल आम आदमी की जीवनरेखा है, तो फिर आम आदमी को ही रेल यात्रा में इतनी परेशानियां क्यों झेलनी पड़ रही हैं?** इस तरह की समस्याओं के लिए रेल्वे विभाग के जनसंपर्क अधिकारियों की भी महव पूर्ण भूमिका रहती है कि सारी जानकारी एकत्रित कर ऊँचे अधिकारियों, विभाग तक पहुंचाए केवल रेल्वे के प्रचारक बनकर ना रहे जनसंपर्क का मतल है कि जनता की समस्या ओर जनता से भी संपर्क रहे।
रेलवे विभाग और जनप्रतिनिधियों को यात्रियों की इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देकर राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।



यह देखिए टिकिट बुकिंग आखरी समय एक दिन पूर्व वेटिंग ,अब यात्री यात्रा कैसे करे यात्रा करना है तो टिकिट का चार्ज, फिर पेनल्टी चार्ज लेकर वो भी फिर आपको सीटिंग नहीं मिलेगी अब बताया सरकार जनता,यात्रियों को सुविधा दे रही है या रेलव विभाग यात्रियों को लुट रही है,जबे पर डाका डाल रही है। आप लोग जरूर अपने विचार बताए, कमेंट करे














