# उरई मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला? जूनियर छात्रों से कथित दुर्व्यवहार का वीडियो चर्चा में*
26 अक्टूबर 2026/जालौन, उत्तर प्रदेश।** उत्तर प्रदेश के जालौन जिले स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई में जूनियर छात्रों के साथ कथित रैगिंग और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आने का दावा किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर प्रसारित विवरण के अनुसार, सीनियर छात्रों पर जूनियर विद्यार्थियों को कमरे में बंद कर रखने, घंटों खड़ा करने और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।## ‘विश’ कराने के नाम पर प्रताड़ना का आरोपप्रसारित विवरण में दावा किया गया है कि जूनियर छात्रों से परिचय लेने और सीनियरों को ‘विश’ करने के नाम पर उन्हें कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया। इसी दौरान एक कथित टिप्पणी भी चर्चा में है, जिसमें एक छात्रा की स्थिति को लेकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों, वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और संबंधित छात्रों की पहचान को लेकर स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। कॉलेज प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।## रैगिंग पर सख्त नियम, फिर भी उठते हैं सवालमेडिकल कॉलेजों में रैगिंग रोकने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियम लागू हैं। संस्थानों में एंटी-रैगिंग व्यवस्था, शिकायत निवारण और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होती है।ऐसे मामलों में केवल जांच समिति गठित करना पर्याप्त नहीं है। शिकायत की निष्पक्ष जांच, पीड़ित विद्यार्थियों की सुरक्षा और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई जरूरी है।## भविष्य के डॉक्टरों के व्यवहार पर सवालमेडिकल शिक्षा का उद्देश्य केवल चिकित्सा ज्ञान देना नहीं, बल्कि मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, अनुशासन और मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है। यदि किसी शिक्षण संस्थान में जूनियर विद्यार्थियों के साथ अपमानजनक व्यवहार की शिकायत मिलती है, तो उसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।रैगिंग को परंपरा या सीनियरिटी के नाम पर उचित नहीं ठहराया जा सकता। विद्यार्थियों को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण देना संस्थान की जिम्मेदारी है।**महत्वपूर्ण सवाल:** क्या राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई प्रशासन इस कथित घटना की जांच कराएगा? क्या दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी? इन सवालों के जवाब कॉलेज प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होंगे।*














