3 नवंबर 2026/रायपुर।** चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के बाद अब बंगाल की खाड़ी से उठे गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासू’ का असर छत्तीसगढ़ में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 और 4 नवंबर को प्रदेश के मध्य एवं दक्षिणी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए किसानों की चिंता बढ़ गई है।### कई जिलों में भारी बारिश की संभावनामौसम के संभावित प्रभाव के तहत बस्तर संभाग के जिलों सहित दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, राजनांदगांव, दुर्ग और महासमुंद के कुछ क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।### धान की फसल पर मंडराया संकटअक्टूबर के अंतिम दिनों में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से प्रदेश के कई क्षेत्रों में धान की फसल को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई थीं। अब ‘मुरासू’ तूफान की संभावित बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल के साथ-साथ कटाई के बाद खुले में रखे धान पर भी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। प्रदेश में 15 नवंबर से धान खरीदी प्रस्तावित होने के बीच मौसम की यह चुनौती किसानों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है।### किसानों को सतर्क रहने की सलाहसंभावित बारिश को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि कटाई किए गए धान को सुरक्षित एवं ऊंचे स्थान पर रखें और तिरपाल से ढककर सुरक्षित करें। मौसम खराब रहने के दौरान कटाई से बचें। गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान खुले खेतों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।मौसम की स्थिति को देखते हुए आगामी दो दिनों में किसानों और आम नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।नोट: तूफान मुरासू के आंध्र प्रदेश तट से टकराने की पुष्टि मौसम संबंधी रिपोर्टों में है। छत्तीसगढ़ के जिलेवार वर्षा अलर्ट के लिए स्थानीय मौसम विभाग की नवीनतम चेतावनी देखें
चक्रवाती तूफान ‘मुरासू’ का छत्तीसगढ़ में असर, 3 और 4 नवंबर को भारी बारिश की चेतावनी**खेतों में खड़ी धान की फसल पर संकट, पहले ‘अर्नब’ तूफान से नुकसान के बाद किसानों की बढ़ी चिंता***











