राज्योत्सव में उद्यानिकी विभाग का आकर्षक स्टॉल, रंग-बिरंगे फूलों और फल-सब्जियों की उन्नत किस्मों ने खींचा लोगों का ध्यान**किसानों को फूलों एवं फलदार पौधों की आधुनिक खेती की दी जा रही जानकारी, आर्थिक सशक्तिकरण के लिए किया जा रहा प्रोत्साहित,रंगीन शिमला मिर्च, ड्रेगन फ्रूट, आम, अमरूद सहित विभिन्न फल-सब्जियों की किस्मों को देखकर आगंतुक हुए आकर्षित।

रायपुर, 4 नवंबर 2026।** नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में उद्यानिकी विभाग का स्टॉल किसानों और आम नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। स्टॉल में ऑर्किड, जरबेरा, गुलाब सहित विभिन्न खूबसूरत फूलों की खेती से लेकर उन्नत किस्मों के फलदार पौधों और सब्जियों का प्रदर्शन किया जा रहा है। यहां किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।उद्यानिकी विभाग के स्टॉल में अमरूद की लखनऊ-49 एवं इलाहाबाद सफेदा, आंवला की एनए-4 एवं एनए-7, केले की जी-9, आम की तोतापरी, मोसंबी की फूले मोसंबी, नींबू की सीडलेस एवं कागजी लाइम, बेल की लंबी एवं गोमायाशी, संतरे की नागपुरी, पपीते की रेड लेडी तथा चीकू की कालीपत्ती एवं क्रिकेट बॉल जैसी उन्नत किस्मों का प्रदर्शन किया गया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की स्थानीय एवं उन्नत किस्मों तिखुर-1 और इंदिरा अरवी-1 को भी प्रदर्शित किया जा रहा है।**रंगीन शिमला मिर्च और आकर्षक फल-सब्जियों ने किया आकर्षित**स्टॉल में मल्चिंग पद्धति से उगाई गई पीली एवं लाल शिमला मिर्च, शिमला मिर्च इंद्राणी, बॉम्बे रेड ओरोवेल, करेला वीएनआर-28, फूलगोभी गिरिजा, पत्तागोभी पूसा अगेती तथा परवल राजेन्द्र जैसी किस्में भी प्रदर्शित की गई हैं। इसके अलावा ड्रेगन फ्रूट, लंबा एवं गोल बेल, चालता, चकोतरा, नारियल, केला, आम, सेब बेर, कच्ची हल्दी और अदरक सहित विभिन्न फल एवं सब्जियों की किस्में आगंतुकों की जिज्ञासा का केंद्र बनी हुई हैं।**आधुनिक खेती और मूल्य संवर्धन की दी जा रही जानकारी**उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को विभिन्न फसलों की वैज्ञानिक खेती, उत्पादन तकनीक और मूल्य संवर्धन की विधियों के बारे में जानकारी दी जा रही है। फूलों की खेती, फल उत्पादन और विविध सब्जियों की उन्नत किस्मों के माध्यम से किसानों को खेती के नए अवसरों से परिचित कराया जा रहा है।राज्योत्सव में उद्यानिकी विभाग का यह स्टॉल आधुनिक कृषि तकनीकों और पारंपरिक फसल विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत कर रहा है। विभाग की यह पहल किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने, उनकी आय बढ़ाने और छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।यदि चाहें तो इसे जनभारत संवाद के लिए दमदार शीर्षक, उपशीर्षक और सोशल मीडिया पोस्ट के रूप में भी तैयार कर सकता हूँ।