जगदलपुर/21अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ पुलिस की फ्लैगशिप पहल ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत बस्तर पुलिस द्वारा छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी/शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, जगदलपुर में साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल फ्रॉड के नए तरीकों से अवगत कराया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बद्री नारायण मीणा रहे। वहीं बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे, महाविद्यालय के प्राचार्य जैनेंद्र जैन, साइबर रेंज थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव तिवारी और कोतवाली थाना प्रभारी लीलाधर राठौर सहित पुलिस एवं महाविद्यालय के अधिकारी मौजूद रहे।अनजान लिंक और कॉल से रहें सावधानपुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए सोशल मीडिया अपराध, ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक, कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन भरोसा नहीं करना चाहिए।अधिकारियों ने व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी को सुरक्षित रखने तथा OTP, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी और अन्य संवेदनशील विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी।ठगी होने पर 1930 पर तत्काल करें शिकायतपुलिस अधिकारियों ने विशेष रूप से बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है तो उसे तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। इसके साथ ही साइबर क्राइम पोर्टल अथवा नजदीकी पुलिस थाने में भी घटना की जानकारी देनी चाहिए।समय पर शिकायत मिलने से ठगी की गई राशि को रोकने या उसके लेन-देन पर तत्काल कार्रवाई किए जाने की संभावना बढ़ जाती है।विद्यार्थियों के सवालों का पुलिस अधिकारियों ने दिया जवाबकार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ इंटरैक्टिव संवाद भी किया गया। छात्रों ने साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा से संबंधित विभिन्न सवाल पूछे। पुलिस अधिकारियों ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।पुलिस अधीक्षक श्री शलभ कुमार सिन्हा ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का विस्तार से उत्तर देते हुए कहा कि साइबर अपराध की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल पुलिस से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने किसी भी साइबर घटना को छिपाने के बजाय उसकी सूचना पुलिस को देने पर जोर दिया।बस्तर पुलिस का यह जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाने, डिजिटल सुरक्षा की समझ विकसित करने और पुलिस-जन संवाद को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा।











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