छत्तीसगढ़ के कवर्धा में आज एक छात्र ने सिर्फ कॉलेज टूर के खर्च का हिसाब पूछा और बदले में उसे अंबिकापुर ट्रांसफर कर दिया गया एक चिंताजनक मामला सामने आया है। क्या अब छात्रों को अपने ही पैसों का हिसाब मांगने का भी अधिकार नहीं रहा?अगर सवाल पूछना गुनाह है, तो यह सिर्फ एक छात्र के साथ अन्याय नहीं बल्कि पूरे छात्र समुदाय की आवाज दबाने की कोशिश हैशिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए, न कि सवाल उठाने वालों को सज़ा।हम मांग करते हैं कि• छात्र का ट्रांसफर तुरंत रद्द किया जाए• पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो• कॉलेज टूर के खर्च का सार्वजनिक रूप से हिसाब दिया जाएसोमवार तक उचित कार्यवाही नहीं होती तो nsui उग्र आंदोलन करेगा।
कवर्धा के एक छात्र ने सिर्फ कॉलेज टूर के खर्च का हिसाब पूछा और बदले में उसे अंबिकापुर ट्रांसफर कर दिया गया













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