नगर निगम में पानी के टैंकरों के टेंडर में गड़बड़ी — नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी*रायपुर नगर निगम में प्रतिवर्ष टैंकरों के द्वारा पानी सप्लाई का कार्य टेंडर प्रक्रिया के तहत किया जाता है वार्डों में पानी की सप्लाई हेतुटेंडर प्रकिया अपनाई जाती हैकिंतु कई वर्षों से सिंडिकेट बनाकर कुछ लोगों के द्वारा ही यह कार्य लिया जा रहा है नगर निगम के अधिकारियों और ठेकेदारों की मिली भगत से यह कार्य किया जा रहा है हमें प्राप्त जानकारी के अनुसार जिन निविदा करर्ताओं को पिछले साल पानी टैंकर से पानी सप्लाई का टेंडर दिया गया था उन्हीं लोगों को इस वर्ष भी कार्य पुनः दिया गया है उन्हीं 6 लोगों के अनुसार निविदा की शर्तों को बनाया जाता है ओर उन्हीं के अनुसार कार्य करवाया जाता है इन्हीं छह लोगों को इस वर्ष भी कार्य दिया जाना इस बात को प्रमाणित करता हैइन्हीं छ लोगों को दस जोनों में पानी सप्लाई के तहत कार्य आवंटित किया गया था पिछले साल पुनः उन्हीं छह लोगों को इस वर्ष भी कार्य दिया जाना नगर निगम के अधिकारियों और ठेकेदारों की मिली भगत को जन्म देता है जिन निविदा करर्ताओं की बात हम साक्ष्य के साथ कर रहे है उन फर्मों के नाम निम्नलिखित है (1)मेसर्स केशव प्रसाद पांडे (2)मेसर्स प्रज्ञा कंस्ट्रक्शन (3)मेसर्स परिमल कश्यप (4)मेसर्स अरविंद सिंह ठाकुर (5)मेसर्स प्रवीण दीक्षित(6) मेसर्स रफीक अहमद रायपुर इन्हीं पूर्व निविदा करर्ताओं को लगातार पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी कार्य दिया जाना संदेश को जन्म देता है कुछ सवाल उठते है कि क्या (1)क्या केवल इन्हीं 6 लोगों के द्वारा सिंडिकेट बनाकर नगर निगम में कार्य किया जाएगा §(2) इन सभी निविदा कर्ताओं के रेट ओर तारीख भी एक समान कैसे हो सकते है §(3) विगत कई वर्षों से केवल इन्ही 6 लोगों को कार्य कैसे दिया जा रहा है §(4) इन छः लोगों के अलावा कोई और ठेकेदार क्यों नहीं सामने आया § (5) क्या इन 6 का भी मालिक कोई एक ही ठेकेदार है यह भी एक बड़ा सवाल है §पिछले वर्ष 2025 में टेंडर 1 करोड़ का था और भुगतान 2 करोड़ 6 लाख का भुगतान टैंकरों के संचालन का किया गया था टेंडर जीतने का हुआ था उससे ज्यादा का पेमेंट पिछले बार किया गया थाजब पिछले बार इतना भुगतान किया गया तो इस बार का टेंडर इस दर पर किया जाना था जितना भुगतान पिछली बार किया गया था किंतु इस वर्ष कम राशि का टेंडर फिर किया गया और भुगतान फिर ज्यादा किया जाएगा तो जो टेंडर की राशि है और जो भुगतान की राशि है वह दोनों की राशियों में बहुत बड़ा अंतर है यह बीच का पैसा कहां जा रहा है सारे के सारे टेंडर में आज तक जीपीएस सिस्टम नहीं लगाया जाता जीपीएस सिस्टम पहले लगाया जाना था तब टेंडर टैंकरों का संचालन किया जाना था किंतु ऐसा नहीं किया गया इस वर्ष टेंडर दो करोड़ के आसपास का होना था जितना पिछले बार भुगतान किया गया था किंतु फिर टेंडर दो करोड़ से काम का लगाया गया क्यों इसके पीछे का क्या कारण क्योंकि टेंडर की राशि और भुगतान की राशि में बहुत बड़ा अंतर है और बहुत बड़ा खेल इसमें खेला जा रहा है *नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी* ने मांग की है कि इस व्यवस्था को जन्म देने वाले मिली भगत करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए ओर साथ हीयह टेंडर की प्रक्रिया पूरी तरह से संदेह के घेरे में है और एक भ्रष्टाचार को जन्म देती है स्पष्ट मांग है मेरी की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सत्य से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए क्या केवल 6 निविदा दाताओं के द्वारा ही रायपुर नगर में टैंकर संचालित होगा यह रायपुर नगर निगम में लगातार हो रहे भ्रष्टाचार को जन्म देता है

















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