कबीरधाम में बीमार पत्नी को खाट से बांधकर बाइक पर ढोने मजबूर पति को कलेक्ट्रेट में एम्बुलेंस के लिए गुहार लगानी पड़ी,यह दृश्य स्वास्थ्य व्यवस्था की क्रूर नाकामी का सबूत है।

छत्तीसगढ़ के कवर्धा:कबीरधाम जिले से पति- अपनी पत्नी के प्रति.प्रेम और पति पत्नी के रिश्ते के कर्तव्य की तस्वीर सामने आई है ,बोड़ला विकासखंड के वनांचल ग्राम नागवाही निवासी समलू मरकाम अपनी थायराइड कैंसर पीड़ित पत्नी के इलाज के लिए पिछले दो वर्षों से दर-दर भटक रहे हैं. आर्थिक तंगी के चलते जब कोई सहारा नहीं मिला, तो उन्होंने अपनी बाइक को ही एम्बुलेंस बना लिया. ओर बाइक पर ही इलाज की तलाश चल पड़ा ।समलू मरकाम बाइक पर ही पत्नी को लिटाकर सैकड़ों किलोमीटर तक इलाज की तलाश में सफर करते रहे. समलू ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने अपनी कमाई से पत्नी का इलाज कराया, लेकिन बीमारी बढ़ती गई. इलाज के लिए उन्होंने अपनी जमीन, घर और जेवर तक बेच दिए और मुंबई तक जाकर इलाज करवाया, लेकिन कोई खास राहत नहीं मिली.मुश्किलें तो है लेकिन विश्वास और उम्मीद है कि कोई न कोई मददगार सामने आ जाएगा, जो पत्नी के इलाज में सहायता करेगा– समलू

अब ना पैसे ना संपत्ति

दर-दर भटकने के बाद समलू ने गांव लौटने के बाद आयुर्वेदिक उपचार भी कराया, पर स्थिति में सुधार नहीं हुआ. अब हालत यह है कि उनके पास न तो पैसे बचे हैं और न ही कोई संपत्ति. गुरुवार को समलू अपनी पत्नी को बाइक पर लिटाकर तेज गर्मी के बीच कवर्धा कलेक्ट्रेट पहुंच गए.

अधिकारियों ने की एंबुलेंस की व्यवस्था

हालांकि उनकी कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन मौजूद अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल एम्बुलेंस की व्यवस्था कर दंपति को जिला अस्पताल भेजा. फिलहाल यह मामला प्रशासन और समाज के लिए संवेदनशीलता की कसौटी बन गया है.

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