छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के अंतर्गत आने वाला नगर पंचायत अड़भार (Adbhar) एक ऐतिहासिक, धार्मिक और प्रशासनिक महत्व रखने वाला कस्बा है।

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के अंतर्गत आने वाला नगर पंचायत अड़भार (Adbhar) एक ऐतिहासिक, धार्मिक और प्रशासनिक महत्व रखने वाला कस्बा है। यह क्षेत्र विशेष रूप से अपने प्राचीन मंदिरों और धार्मिक आस्था के लिए जाना जाता है।अड़भार नगर पंचायत के बारे में मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं:1. धार्मिक और ऐतिहासिक महत्वअड़भार को मुख्य रूप से अष्टभुजी माता (Aashtabhuji Mata) की पावन नगरी के रूप में जाना जाता है।अष्टभुजी माता मंदिर: यहाँ देवी दुर्गा का एक बेहद प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर है, जहाँ माता की आठ भुजाओं वाली प्रतिमा विराजमान है। नवरात्र के दौरान (क्वार और चैत दोनों) यहाँ भव्य मेले का आयोजन होता है और दूर-दूर से श्रद्धालु मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित कराने आते हैं।ऐतिहासिक अवशेष: अड़भार और इसके आसपास के क्षेत्रों में कई प्राचीन मूर्तियां, खंडित शिलालेख और तालाब स्थित हैं, जो इसके समृद्ध ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को दर्शाते हैं। यहाँ शिव जी का भी एक प्राचीन मंदिर (शिव कालेश्वर) है।2. प्रशासनिक और भौगोलिक स्थितिजिला: सक्ती (पहले यह जांजगीर-चांपा जिले का हिस्सा था, लेकिन सक्ती के नया जिला बनने के बाद अब यह सक्ती जिले के अंतर्गत आता है)।निकाय का प्रकार: नगर पंचायत (Urban Local Body)।आसपास के प्रमुख केंद्र: यह सक्ती जिला मुख्यालय और खरसिया (रायगढ़) के काफी करीब स्थित है। यहाँ से बाराद्वार और सक्ती जैसे रेलवे स्टेशन भी सुगमता से सुलभ हैं।3. जनसांख्यिकी और जनजीवनवार्ड व्यवस्था: नगर पंचायत अड़भार विभिन्न वार्डों में विभाजित है, जिसका संचालन पार्षदों और नगर पंचायत अध्यक्ष के माध्यम से होता है।मुख्य व्यवसाय: यहाँ के लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि, स्थानीय व्यापार और धार्मिक पर्यटन पर आधारित है। मेले और त्योहारों के समय यहाँ स्थानीय स्तर पर व्यापार को काफी बढ़ावा मिलता है।भाषा: यहाँ मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा बोली जाती है।4. भौगोलिक स्थिति और कनेक्टिविटीदूरी: अड़भार, जिला मुख्यालय सक्ती से लगभग 10 से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।सड़क मार्ग: यह डभरा, खरसिया और सक्ती को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित है, जिससे यहाँ आवागमन काफी आसान है।नजदीकी रेलवे स्टेशन: यहाँ के निवासियों के लिए सक्ती (SKT) और बाराद्वार (BRDBD) रेलवे स्टेशन सबसे पास हैं, जो हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर आते हैं।5. प्रशासनिक एवं नगरीय ढांचावार्डों की संख्या: नगर पंचायत अड़भार कुल 15 वार्डों में विभाजित है। हर वार्ड से एक पार्षद चुना जाता है।तहसील/ब्लॉक: यह प्रशासनिक रूप से सक्ती विकासखंड/तहसील के अंतर्गत आता है।मूलभूत सुविधाएं: नगर पंचायत के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई और स्थानीय स्तर पर प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी नागरिक सुविधाएं संचालित की जाती हैं।6. मुख्य आकर्षण और संस्कृतिमां अष्टभुजी धाम: यह अड़भार की पहचान का मुख्य केंद्र है। माना जाता है कि यहाँ की प्रतिमा अत्यंत प्राचीन (संभवतः कल्चुरी कालीन या उससे भी पुरानी) है। मंदिर परिसर में एक विशाल तालाब भी है।छेरछेरा और पोला तिहार: छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्योहार जैसे पोला, हरेली और छेरछेरा यहाँ बेहद धूमधाम और स्थानीय संस्कृति के साथ मनाए जाते हैं।7. वर्तमान में अड़भार नगर एक तहसील भी हैं

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