राजधानी रायपुर के नकटी गांव के ग्रामीणों आशियाना हटाकर यहां पर विधायक कॉलोनी बनाई जा रही है, शासन प्रशासन का कहना है की यह अवैध बसावट है , भारी विरोध प्रदर्शन के बाद भी इन्हें यहां से हटा दिया गया है, जबकि एक दिन पूर्व यहां के सांसद ब्रजमोहन अग्रवाल, विधायक अनु शर्मा सहित कई लोगों से यह कई बार मिल चुके थे, ग्रामीणों के मकानों को तोड़ते, ग्रामीणों के रोते ,बिलखते हाथ जोड़ते, विरोध प्रदर्शन करते, पुलिस और बुलडोजर का सामना करते, भिड़ते सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो दिख रहा है,,
ग्रामीणों के घर तोड़ने के बाद विपक्षी दल के भी कहीं नेता लोग यहां पहुंचे है,, इसी बीच कांग्रेस के एक विधायक ने मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र लिखा और कहां की में इन ग्रामीणों के आशियाना को उजाड़ने की में बनाई जा रही कालोनी में नहीं रहूंगा बिंद्रानवागढ़ के विधायक जनक राम ध्रुव जी ने CM को जो पत्र लिखा है, वो सिर्फ एक चिट्ठी नहीं… ये हर नेता के लिए एक सबक है।, ऐसा सभी का कहना है। यह कोई राजनीति है या उनकी मानवीय अंतर आत्मा कह रही है। यह तो वही बता सकते हैं लेकिन जो उनका फैसला है उसे सभी लोग पसंद कर रहे है
इस पत्र ने सिखाया कि नेता कैसा हो।
1). जनता पहले – नकटी के ग्रामीणों के विरोध को अपना विरोध माना
2). ईमानदारी – बोले “जबरन जमीन खाली कराने से मैं आहत हूं”
3). समाधान – खुद सुझाव दिया “कॉलोनी नवा रायपुर ले जाओ”
इतिहास में दर्ज होने वाली लाइन।
“सैकड़ों ग्रामीणों का आशियाना उजाड़ कर बने आवासीय कॉलोनी में रहना मैं उचित नहीं समझता
जब कुर्सी पर बैठा शख्स जनता का दर्द समझे, तभी लोकतंत्र जिंदा रहता है।।
सवाल यह भी है कि जब यह जगह अवैध है तो फिर पीएम आवास योजना के अंतर्गत मकान कैसे बने गए। लेकिन अब मकान टूट ही गए है तो सरकार जो छोटे मकान ews निशुल्क दे रही है । ग्रामीणों की मांग है कि उनके बड़ा मकान परिवार के हिसाब से दिया जाए


















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