नामांकन निरस्त होने का मुख्य कारण
- जानकारी छिपाने का आरोप: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और उनके तीसरे उम्मीदवार महेश केवट ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी।
- हैदराबाद कनेक्शन: बीजेपी का आरोप था कि मीनाक्षी नटराजन ने तेलंगाना (हैदराबाद) में अपने खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मामले (Criminal Case) की जानकारी अपने चुनावी हलफनामे (Affidavit) में छिपाई है, जो सुप्रीम कोर्ट के नियमों का सीधा उल्लंघन है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने शिकायत को सही पाया और उनका पर्चा खारिज कर दिया।
कांग्रेस का भारी विरोध और प्रदर्शन
- दिल्ली से भोपाल तक धरना: इस फैसले के विरोध में कांग्रेस पार्टी आक्रामक हो गई है। दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के नेतृत्व में दिग्गज नेताओं ने केंद्रीय चुनाव आयोग (ECI) के दफ्तर के बाहर धरना शुरू कर दिया है।
- बीजेपी पर साजिश का आरोप: मीनाक्षी नटराजन और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि बीजेपी के पास तीसरी सीट के लिए पर्याप्त बहुमत (संख्या बल) नहीं था। इसलिए उन्होंने जानबूझकर लोकतंत्र की हत्या करने और चुनाव आयोग को एजेंट की तरह इस्तेमाल करके यह कार्रवाई करवाई है।
राज्यसभा चुनाव का समीकरण बदला
- मध्यप्रदेश में राज्यसभा की 3 सीटों के लिए 18 जून 2026 को मतदान होना तय हुआ था।
- बीजेपी ने केंद्रीय नेता तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट को मैदान में उतारा था।
- कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद अब बीजेपी के लिए राह बेहद आसान हो गई है और कांग्रेस को मतदान से ठीक पहले यह बहुत बड़ा झटका लगा है। इस घटनाक्रम से पहले कांग्रेस अपने विधायकों को टूट और क्रॉस-वोटिंग से बचाने के लिए बेंगलुरु भेजने की तैयारी में थी।
(9 जून 2026) की यह बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर है कि कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा निरस्त (खारिज) कर दिया गया है। इस फैसले के बाद मध्यप्रदेश से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में भारी भूचाल आ गया है। इधर बीजेपी में जय जय श्री राम के नारे लगना शुरू हो गए खुशियों की लहर छा गई।
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के निरस्त के घटनाक्रम की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:नामांकन निरस्त होने का मुख्य कारणजानकारी छिपाने का आरोप: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और उनके तीसरे उम्मीदवार महेश केवट ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी।हैदराबाद कनेक्शन: बीजेपी का आरोप था कि मीनाक्षी नटराजन ने तेलंगाना (हैदराबाद) में अपने खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मामले (Criminal Case) की जानकारी अपने चुनावी हलफनामे (Affidavit) में छिपाई है, जो सुप्रीम कोर्ट के नियमों का सीधा उल्लंघन है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने शिकायत को सही पाया और उनका पर्चा खारिज कर दिया।
कांग्रेस का भारी विरोध और प्रदर्शनदिल्ली से भोपाल तक धरना: इस फैसले के विरोध में कांग्रेस पार्टी आक्रामक हो गई है। दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के नेतृत्व में दिग्गज नेताओं ने केंद्रीय चुनाव आयोग (ECI) के दफ्तर के बाहर धरना शुरू कर दिया है।बीजेपी पर साजिश का आरोप: मीनाक्षी नटराजन और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि बीजेपी के पास तीसरी सीट के लिए पर्याप्त बहुमत (संख्या बल) नहीं था। इसलिए उन्होंने जानबूझकर लोकतंत्र की हत्या करने और चुनाव आयोग को एजेंट की तरह इस्तेमाल करके यह कार्रवाई करवाई है।राज्यसभा चुनाव का समीकरण बदला , मध्यप्रदेश में राज्यसभा की 3 सीटों के लिए 18 जून 2026 को मतदान होना तय हुआ था।बीजेपी ने केंद्रीय नेता तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट को मैदान में उतारा था।कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद अब बीजेपी के लिए राह बेहद आसान हो गई है और कांग्रेस को मतदान से ठीक पहले यह बहुत बड़ा झटका लगा है। इस घटनाक्रम से पहले कांग्रेस अपने विधायकों को टूट और क्रॉस-वोटिंग से बचाने के लिए बेंगलुरु भेजने की तैयारी में थी।

बीजेपी में खुशी की लहर















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