रायपुर, 18 जुलाई 2026। केंद्रीय जेल रायपुर में महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अभिनव पहल की जा रही है। जेल प्रशासन के ‘निश्चय कार्यक्रम’ के तहत महिला बंदियों को अचार और मसाला निर्माण का व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।इस पहल के तहत विभिन्न मामलों में निरुद्ध 60 महिला बंदियों को अचार एवं मसाला निर्माण का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, स्वच्छता, पैकेजिंग और सुरक्षित भंडारण की व्यावहारिक जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिला बंदियों ने जेल परिसर में ही आम, नींबू, गाजर और लहसुन सहित विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट और स्वच्छ तरीके से तैयार अचार का उत्पादन शुरू कर दिया है।महिला बंदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री आस्था गृह उद्योग स्टॉल (आस्था मुंगौड़ी सेंटर) और केंद्रीय जेल कैंटीन के माध्यम से की जा रही है। बिक्री से होने वाली आय का एक हिस्सा सीधे महिला बंदियों के खातों में जमा किया जाता है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनने के साथ आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने कहा कि जेल केवल दंड देने का स्थान नहीं, बल्कि सकारात्मक परिवर्तन का केंद्र भी है। उन्होंने बताया कि जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के मार्गदर्शन में संचालित निश्चय कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को रोजगारपरक कौशल देकर रिहाई के बाद सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सक्षम बनाना है।जेल प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे कौशल विकास और स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जाएंगे, ताकि महिला बंदियों का पुनर्वास प्रभावी ढंग से हो सके।

















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