अंबिकापुर, 17 अगस्त 2026। नागपंचमी के पावन अवसर पर अंबिकापुर के मल्टीपर्पज स्कूल मैदान में सरगुजा कुश्ती संघ के तत्वावधान में भव्य दंगल कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पहलवानों ने शानदार दांव-पेंच और दमखम का प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।प्रतियोगिता में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने शामिल होकर पहलवानों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों के बीच पहुंचकर उनके प्रदर्शन की सराहना की तथा विजेता और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पहलवानों को शील्ड एवं पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया।पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने पर जोरइस अवसर पर मंत्री अग्रवाल ने कहा कि कुश्ती हमारी समृद्ध पारंपरिक खेल संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजन पारंपरिक खेल विधाओं को नई पहचान देने के साथ युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। कुश्ती जैसे खेल युवाओं में आत्मविश्वास, साहस, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक एवं पारंपरिक खेल संस्कृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ी को इससे जोड़ने के लिए ऐसे आयोजनों को लगातार प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। स्थानीय स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताएं प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का बेहतर मंच उपलब्ध कराती हैं।बड़ी संख्या में पहुंचे खेलप्रेमीनागपंचमी के अवसर पर आयोजित दंगल को देखने के लिए मल्टीपर्पज स्कूल मैदान में बड़ी संख्या में खेलप्रेमी और नागरिक पहुंचे। पहलवानों के बीच हुए रोमांचक मुकाबलों के दौरान दर्शकों ने तालियों और उत्साहपूर्ण नारों के साथ खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।मंत्री श्री अग्रवाल ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सरगुजा कुश्ती संघ के पदाधिकारियों एवं आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर प्रदान करते हैं।नागपंचमी पर आयोजित इस दंगल ने अंबिकापुर में खेल और सांस्कृतिक परंपरा का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। आयोजन के माध्यम से कुश्ती के प्रति लोगों का उत्साह और पारंपरिक खेलों के संरक्षण की भावना भी देखने को मिली।













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