रायपुर। रायपुर नगर निगम मुख्यालय के सामने स्थित उद्यान की चौपाटी में संचालित 10 दुकानों को नगर निगम द्वारा सील किए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने व्यापारियों के साथ मौके का निरीक्षण कर कार्रवाई को “तानाशाहीपूर्ण और अमानवीय” बताते हुए निगम प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।आकाश तिवारी ने कहा कि नगर निगम ने वर्ष 2022 में चौपाटी संचालन का अनुबंध गणपति इंफ्रास्ट्रक्चर से किया था। बाद में गणपति इंफ्रास्ट्रक्चर ने विधि बुक एंड स्टेशनरी के माध्यम से दुकानों का संचालन कराया। व्यापारियों का दावा है कि वे नियमित रूप से ₹12 हजार से ₹25 हजार प्रतिमाह तक किराया जमा करते रहे, लेकिन 20 जुलाई 2026 को बिना पूर्व सूचना उनकी दुकानों को सील कर दिया गया।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि व्यापारियों का नगर निगम से प्रत्यक्ष अनुबंध नहीं था, तो उन्हें कम से कम 48 घंटे का समय दिया जाना चाहिए था, ताकि वे अपनी दुकान का सामान निकाल सकें। उन्होंने बताया कि दुकानों के भीतर सब्जियां, पनीर, मसाले, गैस सिलेंडर, इंडक्शन सहित हजारों रुपये का कच्चा माल बंद पड़ा है, जो खराब हो रहा है।आकाश तिवारी ने आरोप लगाया कि निगम की इस कार्रवाई से लगभग 10 दुकानों से जुड़े अनेक परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी विश्वविद्यालय के पास स्थित चौपाटी हटाने से लगभग 400 परिवार प्रभावित हुए थे और अब वही स्थिति दोबारा उत्पन्न की जा रही है।नेता प्रतिपक्ष ने उठाए पांच प्रमुख सवालदुकानों में रखे सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी—नगर निगम या गणपति इंफ्रास्ट्रक्चर?खराब हुए कच्चे माल का मुआवजा कौन देगा?चौपाटी बंद होने के बाद उद्यान की स्वच्छता और रखरखाव कैसे होगा?व्यापारियों को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई कौन करेगा?प्रभावित व्यापारी और उनके परिवार अब रोजगार के लिए कहां जाएंगे?आकाश तिवारी ने कहा कि यदि अनुबंध समाप्त होना था तो व्यापारियों को पहले से सूचना देकर वैकल्पिक व्यवस्था का अवसर दिया जाना चाहिए था। बिना मोहलत दिए दुकानों को सील करना संवेदनहीनता का परिचायक है।मौके पर सुमित कुमार, जितेंद्र साहू, नरेंद्र देवांगन, दीपक पिंजनी, विक्रम सावरकर, कुलदीप नायक, सिद्धांत और अमित साहू सहित कई व्यापारी उपस्थित रहे। इनमें कैफे हैदराबादी, तंदूरी मोमोज, स्पाइसी पल, पावनी हॉट चाइनीज, हैप्पी हॉर्स, ब्रेकिंग ब्रेड, अमृत तुल्य, केडीएस किचन, फूड एट 51 और एट एवरीथिंग 50 के संचालक शामिल हैं।नोट: यह खबर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी और प्रभावित व्यापारियों के आरोपों एवं दावों पर आधारित है। नगर निगम का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
















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