यह तस्वीर जबलपुर की है मैया की गोद में लेटी मृत देहें हैं । माँ बेटे की ये तस्वीर, वास्तविकता में सरकारी लापरवाही की तस्वीर है । किसी ने कभी नहीं सोचा था जबलपुर से – नर्मदा मैया की गोद से इस तरह की तस्वीर आएगी। क्या जरूरत है आपको पर्यटन के नाम पर क्रूज चलाने की जब आप यात्रियों को सुरक्षा नहीं दे सकते ? कैसे एक क्रूज पलट गया? यह लापरवाही की इंतिहा है । भेड़ाघाट में पारंपरिक रूप से नाव चलाने वाले नाविक अपने यात्रियों को बचाना जानते हैं तो यहाँ इतनी बड़ी सरकारी मशीनरी – अत्याधुनिक क्रूज होने के बाद आप क्यों यात्रियों को बचा नहीं पाए ? आख़िर यह लाइफ जैकेट किस काम की । कितनी ख़ुश होगी यह माँ अपने बच्चे को क्रूज में बैठाकर, लगा होगा नौनिहाल को नई दुनिया दिखाएगी…आज माँ बेटे की मुंदी आँखें सवाल कर रही हैं जिम्मेदारों से आख़िर यह हादसा हुआ क्यों? इसे टाला क्यों नहीं गया ।
अत्याधुनिक क्रूज होने के बाद आप क्यों यात्रियों को बचा नहीं पाए ? आख़िर यह लाइफ जैकेट किस काम की,
















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