मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी भारी तनाव और युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों से जिम्मेदारी से ईंधन (Petrol-Diesel) का इस्तेमाल करने की अपील की है

मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी भारी तनाव और युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों से जिम्मेदारी से ईंधन (Petrol-Diesel) का इस्तेमाल करने की अपील की है। उन्होंने देशवासियों से युद्ध के कारण पैदा हुई आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों को देखते हुए पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस (LPG) के इस्तेमाल में कटौती करने को कहा है, ताकि देश की विदेशी मुद्रा बचाई जा सके।पीएम मोदी के बयान के मुख्य बिंदु:ईंधन बचाओ, देश बचाओ: पीएम ने आम जनता से कहा है कि वे अपनी जरूरतों के मुताबिक ही तेल का इस्तेमाल करें।मेट्रो/कारपूल का इस्तेमाल: मेट्रो वाले शहरों में मेट्रो का उपयोग करने और जरूरत पड़ने पर कारपूल (Car Pool) करने की सलाह दी।वर्क फ्रॉम होम (WFH) की अपील: तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी के मद्देनजर, उन्होंने कोविड-19 के दौर की तरह वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा देने की बात कही।आर्थिक स्थिरता: उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इस संकट के दौरान आर्थिक व्यवधानों और आपूर्ति चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।हार्मोज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा: पीएम मोदी ने हार्मोज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से सुरक्षित समुद्री नेविगेशन की आवश्यकता पर जोर दिया, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है।अंतरराष्ट्रीय चिंता: उन्होंने क्षेत्र में तनाव पर चिंता जताई और हमेशा शांति और स्थिरता बनाए रखने का आह्वान किया।पृष्ठभूमि:यह बयान ऐसे समय में आया है जब मिडिल ईस्ट में, विशेषकर ईरान और अमेरिका/इज़राइल के बीच तनाव से भारत की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। 3 लाख से अधिक भारतीय वहां काम करते हैं, और वहां से भारत को बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस मिलती है।

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