रायपुर में रामकी ग्रुप (Ramky Group) के सफाई कर्मचारियों का वेतन और 78 करोड़ के भुगतान विवाद को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन चरम पर है।

रायपुर में रामकी ग्रुप (Ramky Group) के सफाई कर्मचारियों का वेतन और 78 करोड़ के भुगतान विवाद को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन चरम पर है। इसके चलते शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पूरी तरह से ठप हो गया है और महापौर की बैठक भी बेअसर साबित हुई है। पंडरी (मोवा) थाने में मौजूद हैं एसीपी मरकाम, कांग्रेस नेता पंकज शर्मा, सफाई कर्मचारियों के नेता एवं कंपनी के अधिकारियों की चल रही है बातचीत।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पूरी तरह से ठप हो गया है क्योंकि शहर की सफाई व्यवस्था संभालने वाली रामकी (Ramky) कंपनी के सफाई कर्मचारी, वाहन चालक और हेल्पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल के कारण मई 2026 के मध्य में शहर के घरों और गलियों में कचरा जमा हो रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहले से ही कर्मचारी प्रतिदिन वार्डों में रोज डोर टू डोर गाड़ी प्रति दिन नहीं आती और इस विवाद के मुख्य कारण सफाई व्यवस्था ठप हो गई इस विवाद के होने के पीछे दो बड़े मुख्य कारण हैं:78 करोड़ का भुगतान विवाद: सफाई ठेका संभालने वाली मेसर्स DSW रामकी कंपनी का दावा है कि रायपुर नगर निगम (RMC) ने मार्च 2025 से अब तक उनका लगभग ₹78 करोड़ का भुगतान नहीं किया है, जिससे कंपनी के पास खर्चों के लिए फंड की कमी हो गई है।18 सूत्रीय मांगें और वेतन विवाद: कचरा गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर और सफाई कर्मचारी वेतन वृद्धि, वेतन में देरी, पीएफ विसंगतियों और कम मजदूरी के विरोध में दलदल सिवनी यार्ड के बाहर भूख हड़ताल और प्रदर्शन कर रहे हैं।

शहर पर हो रहा असरकचरा कलेक्शन ठप: दलदल सिवनी और गोकुल नगर जैसे मुख्य डिपो और यार्डों में गाड़ियां खड़ी हैं और चक्का जाम जैसी स्थिति है।गंदगी और बदबू: तीन-चार दिनों से घरों से कचरा न उठने और बारिश के मौसम के कारण रिहायशी इलाकों में कचरा सड़ रहा है और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।स्वच्छता सर्वेक्षण पर खतरा: इसी महीने रायपुर में केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण टीम का दौरा प्रस्तावित है, ऐसे में इस हड़ताल से शहर की रैंकिंग पर बुरा असर पड़ सकता है। प्रशासन का रुखविवाद को सुलझाने के लिए रायपुर महापौर ने निगम अधिकारियों और रामकी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की है और काम जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन कर्मचारियों की मांगें पूरी न होने तक फिलहाल जमीन पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है और हड़ताल जारी है।

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