कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इस समय सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा एक पॉलिटिकल सटायर (राजनीतिक व्यंग्य) आंदोलन है। यह कोई असली चुनाव लड़ने वाली राजनीतिक पार्टी नहीं है।
शुरुआत कैसे हुई?
- मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी: 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान टिप्पणी की थी कि कुछ बेरोजगार युवा ‘कॉकरोच’ की तरह होते हैं, जो सोशल मीडिया और आरटीआई (RTI) एक्टिविस्ट बनकर दूसरों पर हमला करते हैं।
- युवाओं का विरोध: इस बयान से नाराज होकर युवाओं ने विरोध जताने के लिए इसे एक डिजिटल आंदोलन का रूप दे दिया।
संस्थापक और सोशल मीडिया क्रेज
- संस्थापक: इसकी स्थापना 16 मई 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व सोशल मीडिया रणनीतिकार अभिजीत दिपके ने की थी।
- फॉलोअर्स का रिकॉर्ड: महज 4-5 दिनों के भीतर इस डिजिटल पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 1 करोड़ (10 मिलियन) से अधिक फॉलोअर्स हो चुके हैं, जिसने कई बड़ी राजनीतिक पार्टियों के सोशल मीडिया फॉलोअर्स को भी पीछे छोड़ दिया है।
- मेंबरशिप: लाखों युवाओं ने ऑनलाइन गूगल फॉर्म के जरिए इसकी सांकेतिक सदस्यता ली है। महुआ मोइत्रा जैसे कुछ विपक्षी नेताओं ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई है।
पार्टी का विचार और मेनिफेस्टो (घोषणापत्र)
- Resilience (लचीलापन): इस आंदोलन का मानना है कि कॉकरोच की तरह देश का युवा भी विपरीत परिस्थितियों और सिस्टम के कुचलने के बाद भी दोबारा खड़ा होना जानता है।
- विचारधारा: यह खुद को मजाक में “सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक और लेजी (आलसी)” कहती है।
- मुख्य मांगें: व्यंग्य के बीच इन्होंने 5 सूत्रीय मांगें रखी हैं, जिसमें नेताओं के दलबदल पर रोक, बेरोजगारी और महिलाओं को 50% आरक्षण जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं।
- AI का इस्तेमाल: पार्टी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की मदद से महज एक घंटे में अपनी आधिकारिक वेबसाइट और एआई एंथम (गीत) तैयार किया है।
इसके बढ़ते प्रभाव को देखते हुए हाल ही में इसके काउंटर में ‘नेशनल पैरासाइटिक फ्रंट’ (NPF) नाम का एक और डिजिटल सटायर ग्रुप भी सोशल मीडिया पर आ गया है।








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