अल-नीनो का असर: छत्तीसगढ़ में मानसून की चाल बदली, किसानों की बढ़ी चिंतारायपुर। छत्तीसगढ़ में अल-नीनो (El Niño) का प्रभाव अब मौसम और खेती दोनों पर दिखाई देने लगा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इसके कारण मानसून के आगमन में देरी, अनियमित बारिश और लंबे समय तक गर्म मौसम जैसी परिस्थितियां बन रही हैं। इसका सीधा असर खरीफ फसलों, विशेषकर धान की खेती पर पड़ने की आशंका है।प्रदेश में कई स्थानों पर सामान्य से कम वर्षा और कहीं-कहीं अचानक भारी बारिश जैसे असंतुलित मौसम का पैटर्न देखने को मिल सकता है। इससे किसानों के सामने बुवाई, सिंचाई और फसल उत्पादन को लेकर नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।कृषि विभाग ने किसानों को मौसम की स्थिति को देखते हुए कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों जैसे दलहन, तिलहन और सोयाबीन की खेती पर भी विचार करने की सलाह दी है। साथ ही जल संरक्षण, नमी प्रबंधन और आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।राज्य सरकार और कृषि विभाग अल-नीनो की स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं। किसानों को समय-समय पर मौसम आधारित सलाह जारी की जा रही है ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।विशेषज्ञों का कहना है कि अल-नीनो का प्रभाव पूरे मानसून सीजन में बदल सकता है। इसलिए किसानों और आम नागरिकों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और पूर्वानुमानों पर नियमित नजर रखने की सलाह दी गई है।
अल-नीनो का असर: छत्तीसगढ़ में मानसून की चाल बदली, किसानों की बढ़ी चिंता, छत्तीसगढ़ में अल-नीनो (El Niño) का प्रभाव अब मौसम और खेती दोनों पर दिखाई देने लगा है।













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