छत्तीसगढ़ 5 जुलाई 2026
विश्व प्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई का निधन 5 जुलाई 2026 को हो गया है. वे 70 वर्ष की थीं और लंबे समय से उम्र संबंधी गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं. उन्होंने रायपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में तड़के सुबह 3:15 बजे अंतिम सांस ली.मुख्य विवरण:निधन का समय: 5 जुलाई 2026, रविवार तड़के सुबह करीब 3:15 बजे.स्थान: एम्स (AIIMS), रायपुर (छत्तीसगढ़).कारण: वे पिछले 38 दिनों से आईसीयू (ICU) में भर्ती थीं और फेफड़ों में पानी भरने की समस्या सहित लंबी बीमारी से पीड़ित थीं.शोक संदेश: उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित देश-विदेश के सांस्कृतिक व राजनीतिक जगत ने गहरा दुख व्यक्त किया है.कलात्मक यात्रा और योगदान:वैश्विक पहचान: तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक कला ‘पंडवानी’ (महाभारत कथा गायन) को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्थापित किया.कापालिक शैली: उन्होंने पंडवानी की ‘कापालिक शैली’ को अपनाकर रूढ़ियों को तोड़ा, जिस पर पहले केवल पुरुषों का वर्चस्व था.प्रमुख नागरिक सम्मान:भारत सरकार और अन्य संस्थाओं द्वारा उन्हें कला के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए कई बड़े पुरस्कारों से नवाजा गया था:पद्म श्री (1987/88)संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1995)पद्म भूषण (2003)पद्म विभूषण (2019













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