रायपुर। राजधानी रायपुर में फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। रायपुर नगर निगम के एमआईसी सदस्य एवं शहर चूड़ामणि नायक वार्ड क्रमांक 37 के पार्षद दीपक जायसवाल के नाम, लेटरहेड और हस्ताक्षर का अवैध रूप से उपयोग कर फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए जा रहे थे।जानकारी के अनुसार एक चॉइस सेंटर संचालक इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था। मामले का खुलासा होने पर आरोपी को रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने प्रकरण में अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।घटना के बाद पार्षद दीपक जायसवाल ने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, शासकीय एवं अशासकीय कार्यालयों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि उनके नाम, लेटरहेड, हस्ताक्षर, अनुशंसा-पत्र या अन्य किसी भी दस्तावेज़ पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें।उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व जनप्रतिनिधियों की छवि धूमिल करने और लोगों को गुमराह करने के लिए इस प्रकार के फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।पार्षद ने लोगों से सतर्क और जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध दस्तावेज़ की पहले जांच और सत्यापन अवश्य करें।















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