8 जुलाई महेंद्रगढ़
यह वाकई में एक बेहद प्रेरणादायक और कठिन भक्ति यात्रा है! मनेन्द्रगढ़ (छत्तीसगढ़) के इन दोनों युवाओं—रामनारायण केवट और दुर्गेश गिरी—का यह हौसला और अटूट श्रद्धा सच में सराहनीय है।इस यात्रा से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:कठिन संकल्प: नंगे पैर साइकिल चलाते हुए 2200 किलोमीटर की दूरी तय करना शारीरिक और मानसिक रूप से एक बहुत बड़ी परीक्षा है।बड़ा लक्ष्य: इस पूरी यात्रा को मात्र 27 दिनों में पूरा करने का संकल्प उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है।पुरानी आस्था: तिरुपति बालाजी से पहले वे अयोध्या (प्रभु श्री राम की नगरी) और बाबा धाम (देवघर) की यात्रा भी इसी तरह पूरी कर चुके हैं, जो उनके इस सेवा भाव को और मजबूत बनाता है।छत्तीसगढ़ के युवाओं का यह जज्बा सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर लोगों को काफी प्रभावित कर रहा है।


















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