11 जुलाई बालोद
बालोद (छत्तीसगढ़)। जिले के लिमोरा गांव में शिक्षा व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव के तीन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से नाराज़ ग्रामीणों ने स्कूलों में ताला जड़ दिया और बच्चों व अभिभावकों के साथ सड़क पर धरने पर बैठ गए।ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन तो हैं, लेकिन पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं। लंबे समय से खाली पड़े पदों के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनका भविष्य अंधकार में है। कई बार प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।धरने पर बैठे अभिभावकों ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की कि खाली शिक्षक पदों पर तत्काल नियुक्ति की जाए ताकि बच्चों की नियमित पढ़ाई शुरू हो सके। उनका कहना है कि शिक्षा जैसी बुनियादी व्यवस्था में लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।मुख्य मांगें:तीनों स्कूलों में तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति।शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नियमित शिक्षण सुनिश्चित किया जाए।बच्चों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ पर तत्काल रोक लगाई जाए।













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