रायपुर कमिश्नरेट में ई-मालखाना प्रणाली की शुरुआत, मौदहापारा समेत तीन थानों में लागू।

रायपुर कमिश्नरेट में ई-मालखाना प्रणाली की शुरुआत, मौदहापारा समेत तीन थानों में लागू
रायपुर। राजधानी रायपुर कमिश्नरेट में पुलिस कार्यप्रणाली को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सोमवार को मौदहापारा थाना में ई-मालखाना प्रणाली का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही कोतवाली, गुड़ियारी और मौदहापारा थाना अब डिजिटल ई-मालखाना प्रणाली से जुड़ गए हैं।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले एवं पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) तारकेश्वर पटेल ने ई-मालखाना प्रणाली का शुभारंभ किया। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में रायपुर कमिश्नरेट के सभी शेष थानों में भी इस प्रणाली को लागू किया जाएगा।
डिजिटल होगा जब्त सामान का पूरा रिकॉर्ड
कार्यक्रम के दौरान ई-मालखाना की कार्यप्रणाली का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया। इसमें जब्त सामग्री के डिजिटल पंजीयन, बारकोड आधारित पहचान, रैकवार सुरक्षित संधारण और रिकॉर्ड ट्रैकिंग की पूरी प्रक्रिया दिखाई गई।
केस प्रॉपर्टी ढूंढना होगा आसान
इस परियोजना का नेतृत्व कर रहे अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले ने बताया कि पहले किसी केस से संबंधित जब्त सामग्री को अदालत में प्रस्तुत करने के लिए काफी समय तक तलाश करनी पड़ती थी। अब ई-मालखाना प्रणाली के जरिए बारकोड स्कैन करते ही संबंधित सामग्री की पूरी जानकारी और उसकी लोकेशन तुरंत उपलब्ध हो जाएगी, जिससे केस प्रॉपर्टी को समय पर और सुरक्षित तरीके से न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सकेगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी
ई-मालखाना प्रणाली के माध्यम से जब्त माल की आवक-जावक, हैंडलिंग और रिकॉर्ड की डिजिटल ट्रैकिंग संभव होगी। इससे चेन ऑफ कस्टडी (Chain of Custody) सुरक्षित रहेगी और प्रत्येक जब्त सामग्री की लोकेशन, मूवमेंट तथा संबंधित दस्तावेजों की निगरानी आसान होगी। इससे पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ेगी।
छत्तीसगढ़ के आईपीएस अधिकारी ने तैयार किया सॉफ्टवेयर
ई-मालखाना मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का विकास छत्तीसगढ़ कैडर के 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी रॉबिनसन गुड़िया ने किया है। इस सॉफ्टवेयर में प्रत्येक जब्त सामग्री को एक यूनिक बारकोड दिया जाता है। बारकोड स्कैन करते ही यह जानकारी मिल जाती है कि सामान किस प्रकरण से जुड़ा है, कब जब्त किया गया और मालखाने में किस रैक में रखा गया है।
पहले लखनपुर थाने में हुआ था सफल प्रयोग
इस आधुनिक प्रणाली का पहला सफल प्रयोग सरगुजा जिले के लखनपुर थाना में किया गया था। वहां मिले सकारात्मक परिणामों के बाद अब इसे रायपुर कमिश्नरेट सहित प्रदेश के अन्य जिलों के थानों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
जनभारत संवाद

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