नवा रायपुर में गोंडवाना गोंड महासभा की राष्ट्रीय कार्यशाला, संस्कृति संरक्षण से लेकर विकास की कार्ययोजना पर मंथन।

नवारायपुर, 21 जुलाई।

छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर के सेक्टर-24 स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) में अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने गोंडी भाषा, संस्कृति, शिक्षा, आर्थिक उद्यमिता और आदिवासी समाज के समग्र विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया।कार्यशाला की अध्यक्षता महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिशुपाल सोरी ने की। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री एवं मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, ओडिशा के कैबिनेट मंत्री रबी नारायण नाइक ,लता उसेंडी सहित विभिन्न राज्यों के जनप्रतिनिधि, समाज प्रमुख और बुद्धिजीवी शामिल हुए।दो दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना, पारंपरिक वैद्यकीय ज्ञान का संरक्षण करना तथा शिक्षा, रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए ठोस रणनीति तैयार करना रहा।बैठक में आदिवासी संस्कृति और पहचान के संरक्षण, गोंडी भाषा के संवर्धन, आदिवासी क्षेत्रों में धर्मांतरण की रोकथाम, संविधान की पांचवीं अनुसूची के प्रभावी क्रियान्वयन, यूजीसी से जुड़े शैक्षणिक मुद्दों तथा आदिवासी समाज के विकास की दीर्घकालिक कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना समय की आवश्यकता है। इसके लिए शिक्षा, सामाजिक एकजुटता, युवाओं की भागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।कार्यशाला के समापन पर समाज के सर्वांगीण विकास, सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण तथा विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। आयोजकों ने विश्वास जताया कि इस राष्ट्रीय मंथन से निकले सुझाव आदिवासी समाज के विकास और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में प्रभावी साबित होंगे।

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