छत्तीसगढ़ में फार्मेसी की काउंसलिंग के पहले फार्मेसी कॉलेज की सीटों की कटौती और संबद्धता (affiliation) विवाद के कारण 7 फार्मेसी कॉलेजों के संचालक छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे हैं。 इन कॉलेजों ने छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) द्वारा मनमाने ढंग से सीटें घटाने और ‘शून्य’ करने के खिलाफ याचिका दायर की है。
विवाद के मुख्य बिंदु:
- सीटों में कटौती: CSVTU ने फार्मेसी कॉलेजों में डी.फार्मेसी (D.Pharmacy) पाठ्यक्रम की स्वीकृत सीटों को 60 से घटाकर 30 कर दिया है या कुछ मामलों में सीटों को शून्य कर दिया है。
- छात्र प्रवेश पर असर: विश्वविद्यालय के इस आदेश के कारण कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया और छात्रों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है。
- कॉलेजों का तर्क: संचालकों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की यह कार्रवाई फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) के नियमों और स्पष्ट स्वीकृति का सीधा उल्लंघन है。 केंद्रीय प्राधिकरण (PCI) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ही इन कॉलेजों को मान्यता और सीटें दी गई थीं。 इसलिए काउंसलिंग करते और एडमिशन के समय विशेष जांच पड़ताल कर ले।












Leave a Reply