उत्तरप्रदेश काशी विश्वनाथ की धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए वाराणसी नगर निगम ने शहर के भीतर चलने वाली मांस, मुर्गा और मछली की सभी दुकानों को चरणबद्ध तरीके से बाहरी सीमा पर शिफ्ट करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई सदन की बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है।इस नई योजना से जुड़े मुख्य बिंदु और चिन्हित किए गए स्थानों की सूची इस प्रकार है:📍 चिन्हित किए गए 5 बाहरी स्थान (First Phase)नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार, पहले चरण में शहर के बाहरी छोर पर इन 5 क्षेत्रों को चुना गया है:रामनगरसूजाबाद (डुमरी)गणेशपुरअवलेशपुरशिवपुर📊 योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण बातेंप्रभावित दुकानें: वर्तमान में शहर के अंदर लगभग 350 से 400 मीट और मछली की दुकानें संचालित हो रही हैं, जिन्हें बाहर भेजा जाएगा।दुकानदारों को विस्थापन नहीं, पुनर्वास: नगर निगम दुकानदारों को हटा नहीं रहा है, बल्कि उन्हें चिन्हित स्थानों पर उतनी ही वैध दुकानें और लाइसेंस बनाकर देगा।बुनियादी सुविधाएं: नई जगहों पर दुकानदारों को बिजली, पानी, स्वच्छता और वेस्ट मैनेजमेंट (कचरा निपटान) की आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।समय सीमा: नगर निगम इस पूरी स्थानांतरण प्रक्रिया को आगामी 6 महीने के भीतर (साल के अंत तक) पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।🎯 इस फैसले का मुख्य उद्देश्यकाशी एक वैश्विक पर्यटन और धार्मिक केंद्र है, जहां रोजाना लाखों श्रद्धालु आते हैं। शहर के रिहायशी इलाकों और गलियों को गंदगी से मुक्त रखने, यातायात सुगम बनाने और धार्मिक पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इसके साथ ही, वर्तमान में बिना पंजीकरण चल रही अवैध दुकानों को नियमित (Regularise) भी किया जा सकेगा।
रिपोर्टर -शिवम शुक्ला















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