रायपुर, 23 जुलाई। भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश की एकता, अखंडता और स्वतंत्रता का प्रतीक है। प्रत्येक वर्ष 22 जुलाई को राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1947 में संविधान सभा ने तिरंगे को स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में औपचारिक रूप से अपनाया था।तिरंगे के केसरिया, श्वेत और हरे रंग क्रमशः त्याग, साहस, सत्य, शांति, समृद्धि और विकास के आदर्शों का संदेश देते हैं। ध्वज के मध्य स्थित गहरे नीले रंग का अशोक चक्र, जिसकी 24 तीलियां हैं, सतत गति, न्याय, धर्म और प्रगति का प्रतीक माना जाता है।भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का वर्तमान स्वरूप स्वतंत्रता संग्राम के दौरान विकसित हुए तिरंगे पर आधारित है। इसका अंतिम स्वरूप स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया के मूल डिजाइन से प्रेरित होकर स्वीकार किया गया, जिसमें चरखे के स्थान पर सारनाथ के अशोक स्तंभ से प्रेरित अशोक चक्र को शामिल किया गया।राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस देशवासियों को तिरंगे के सम्मान, उसके गौरवशाली इतिहास और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है। तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता, संस्कृति, लोकतंत्र और करोड़ों देशवासियों के गौरव का प्रतीक है। “
















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