दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में लगी भीषण आग के दौरान मानवता की एक बेहतरीन मिसाल सामने आई。दुकान मालिक रियाजुद्दीन ने अपनी परवाह न करते हुए जान बचाने के लिए लगभग 2 लाख रुपये के गद्दे सड़क पर बिछा दिए。रियाजुद्दीन की बहादुरी और मानवताअग्निकांड की घटना: मालवीय नगर में एक इमारत में आग लग गई थी, जिसके कारण लोग अंदर फंस गए थे और जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदने को मजबूर थे。तत्परता और सूझबूझ: पूर्व में ‘सिविल डिफेंस’ में काम कर चुके रियाजुद्दीन ने हालात को भांपते हुए एक पल भी नहीं गंवाया。उन्होंने अपनी दुकान के सभी गद्दे निकालकर सड़क पर बिछा दिए, ताकि ऊपर से कूदने वाले लोगों को गहरी चोटें न लगें。संतुष्टि: उनके इस selfless (निस्वार्थ) कदम की वजह से करीब 8 से 12 लोगों की जान सुरक्षित बच गई。रियाजुद्दीन का कहना है कि उनकी दुकान भले ही खाली हो गई हो, लेकिन उन्हें इस बात का ताउम्र सुकून रहेगा कि उनकी वजह से कई लोगों की जिंदगी बच गई。इस घटना ने साबित कर दिया कि संकट के समय इंसानियत और जान की कीमत सबसे ऊपर होती है। ना कि कोई धर्म जाति यही मानवता है।
















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