गर्मी आते ही टैंकरों से पानी की सप्लाई का खेल शुरू, निगम को हस्तांतरण हुए,हाउसिंग बोर्ड कालोनियों में निगम की पाइपलाइन क्यों नहीं।

राजधानी रायपुर के कचना हाउसिंग बोर्ड फेस 1,पत्रकार कॉलोनी, ओर बहुमंजिला EWS फ्लैट ब्लॉक , निवासियों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। हो गई करण की अचानक मोटर को खराब बताते हुए और बोरिंग में पानी की कमी होने का हवाला देते हए , 22 तारीख से टैंकर सप्लाई से पानी की व्यवस्था होगी यहां पहले से ही ईडब्ल्यूएस ब्लॉक में पानी ऊपर चढ़ता ही नहीं है, ओर अब टैंकर से पानी की व्यवस्था और टैंकर वाले की इतनी मनमानी की ब्लॉक के सामने टैंकर नहीं खड़े करेंगे चौराहे पर बहुमंजिला ईडब्ल्यूएस फ्लैट वाले आकर पानी चाहिए तो ले जाए कई-कई दिनों तक पानी आता ही नहीं। यह कोई एक दिन की समस्या नहीं है—जब सप्लाई बंद होती है, तो -3-4 दिनों तक नल सूखे रहते हैं। अभी भी पिछले दो दिनों से पानी पूरी तरह बंद है।इतनी भीषण गर्मी में लोगों को टैंकर के पीछे लाइन लगानी पड़ रही है। एक-दो टैंकर भेजकर क्या 150 से ज्यादा घरों की जरूरत पूरी हो सकती है? यह सिर्फ अस्थायी समाधान है, स्थायी नहीं। सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार विभाग और सरकार को यह समस्या दिखाई नहीं दे रही? अगर पानी की किल्लत नहीं होती, तो टैंकर भेजने की जरूरत ही क्यों पड़ती?क्या आम लोगों को अपनी बुनियादी जरूरत के लिए बार-बार गुहार लगानी पड़ेगी? क्या इसके लिए भी कोई लंबी प्रक्रिया, कागजी कार्रवाई या “प्रूफ” देना जरूरी है कि यहाँ सच में पानी की भारी कमी है?पानी कोई सुविधा नहीं, एक मूलभूत अधिकार है।हर नागरिक को कम से कम नियमित और पर्याप्त पानी मिलना ही चाहिए। जोन 9 कमिश्नर निगम अधिकारी , और चुनाव के वक्त बड़ी-बड़ी बातें करने वाले ,झूठे वादे करने वाले जनप्रतिनिधि यो को देना चाहिए।

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