लोकतंत्र के चौथे स्तंभ ने दिखाई ताकत, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने उठी मांगनारायणपुर में पत्रकारों का एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम सौंपा ज्ञापन
नारायणपुर, छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून को शीघ्र लागू करने की मांग को लेकर नारायणपुर जिले के पत्रकारों ने बुधवार को एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय स्थित जय स्तंभ चौक में आयोजित इस आंदोलन में जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकार बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर नम्रता जैन को ज्ञापन सौंपा।धरना-प्रदर्शन का शुभारंभ सुबह 10 बजे हुआ। इस दौरान पत्रकारों ने एकजुट होकर “पत्रकार एकता जिंदाबाद”, “पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करो”, “पत्रकारों की चिंता करो” और “नारायणपुर पत्रकार जिंदाबाद” जैसे गगनभेदी नारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया।ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में शासन, प्रशासन और जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं। विशेषकर नारायणपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में कार्यरत पत्रकार अनेक चुनौतियों के बीच निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता का दायित्व निभाते हैं। इसके बावजूद हाल के वर्षों में पत्रकारों के विरुद्ध झूठी एवं दुर्भावनापूर्ण शिकायतें दर्ज कराने, अनावश्यक दबाव बनाने तथा प्रताड़ित करने की घटनाएं बढ़ी हैं।पत्रकारों ने बताया कि वर्ष 2023 में पत्रकार सुरक्षा संबंधी विधेयक विधानसभा से पारित होकर राजपत्र में प्रकाशित भी हो चुका है, किंतु आज तक इसे पूर्ण रूप से लागू नहीं किया गया है। परिणामस्वरूप पत्रकार अपेक्षित कानूनी संरक्षण से वंचित हैं।कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार सुनील सिंह राठौर, मोहम्मद इमरान खान, डॉ. अभिषेक बैनर्जी (संभागीय अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ जर्नलिज्म यूनियन), संजय राय (जिला अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ), पुष्पेंद्र सिंह ठाकुर (जिला अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ जर्नलिज्म यूनियन) सहित अनेक पत्रकारों ने अपने विचार व्यक्त किए।वरिष्ठ पत्रकार सुनील सिंह राठौर ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून अत्यंत आवश्यक है। इससे पत्रकार बिना भय और दबाव के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे तथा उन्हें झूठे मुकदमों और उत्पीड़न से सुरक्षा मिलेगी।डॉ. अभिषेक बैनर्जी ने अपने संबोधन में कहा कि जनहित से जुड़े समाचारों के कारण पत्रकारों के खिलाफ झूठी एवं दुर्भावनापूर्ण शिकायतों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में पत्रकार सुरक्षा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन समय की आवश्यकता है।वहीं मोहम्मद इमरान खान ने कहा कि पत्रकार किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि समाज, शासन और प्रशासन के बीच संवाद का माध्यम होता है। पत्रकारों को राजनीतिक चश्मे से देखना दुर्भाग्यपूर्ण है। पत्रकार सुरक्षा कानून पत्रकारों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।धरना-प्रदर्शन के दौरान संजय राय, पुष्पेंद्र सिंह ठाकुर, तेन सिंह ठाकुर, डॉ. विजय कुमार तिवारी, अनुराग पांडेय, दिनेश रजक तथा रामप्रकाश सोनटेके सहित अन्य पत्रकारों ने भी अपने विचार रखते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून को तत्काल लागू करने की मांग करते हुए कहा कि यह कानून लागू होने से झूठी शिकायतों पर नियंत्रण लगेगा, पत्रकार निर्भीक एवं निष्पक्ष रूप से कार्य कर सकेंगे, धमकी और प्रताड़ना की घटनाओं में कमी आएगी तथा स्वतंत्र पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को मजबूती मिलेगी।कार्यक्रम में शेख महमूद, हाजी डॉ. वली आजाद, नितेश गोस्वामी, सूरज सरकार, रोशन सिंह ठाकुर, अर्जुन देवांगन, अनुज जोशी, दिनेश राजक,ब्रिज मानिकपुरी सुरेश सोनी, विजय राज मिश्रा, दीपक कुमार गोटा, राजमन कश्यप, राकेश पोर्ते, मोहम्मद रफीक सहित जिले के अनेक पत्रकार उपस्थित रहे। इसके अलावा बेनूर से राजकुमार बघेल एवं चारामा से आए पत्रकार साथियों ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई।नारायणपुर जिले के समस्त पत्रकारों की एकजुटता और सक्रिय भागीदारी के साथ यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अंत में पत्रकारों ने एक स्वर में पत्रकार हितों की रक्षा और पत्रकार सुरक्षा कानून लागू होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।













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