पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी वकील की पारंपरिक पोशाक (काला कोट और सफेद कॉलर बैंड) पहनकर कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) पहुंची ।
। मई 2026 में हुई इस घटना के दौरान उन्होंने कोर्ट में राज्य में चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा के मामले पर अपना पक्ष रखा。इस मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं:कोर्ट में पेशी और बहसमुख्य न्यायाधीश की बेंच: ममता बनर्जी कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की डिवीजन बेंच के सामने वकील के रूप में पेश हुईं।चुनावी हिंसा का मुद्दा: उन्होंने कोर्ट में राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा, आगजनी और टीएमसी कार्यकर्ताओं व कार्यालयों पर हमलों को लेकर अपनी बात रखी।बयान: सुनवाई के दौरान उन्होंने कोर्ट में कहा कि पश्चिम बंगाल कोई “बुलडोजर स्टेट” नहीं है और कार्रवाई हमेशा कानून के दायरे में होनी चाहिए। उन्होंने हिंसा में मारे गए लोगों की एक सूची भी कोर्ट को सौंपी।बार काउंसिल की जांचदर्जे की जांच: ममता बनर्जी के अचानक वकील के रूप में कोर्ट में पेश होने के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने उनके लीगल प्रैक्टिस के दर्जे (Legal Practice Status) की जांच शुरू कर दी है।जवाब तलब: बीसीआई ने इस मामले में राज्य बार काउंसिल से दो दिनों के भीतर रिपोर्ट और जवाब मांगा है कि क्या उनका वकालत का लाइसेंस सक्रिय है।ममता बनर्जी के वकील के रूप में कलकत्ता हाईकोर्ट (वकील का कोट पहनकर कोर्ट में पेश हुईं )

















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