रायपुर।
राजधानी रायपुर के मालवीय रोड स्थित दर्जी लाइन के व्यापारियों ने नगर निगम की सार्वजनिक पुरुष शौचालय व्यवस्था को लेकर गंभीर नाराजगी जताई है। व्यापारियों का आरोप है कि क्षेत्र में स्थित निगम की ‘मूत्री खोली’ से उठने वाली तेज बदबू के कारण उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है और बाजार आने वाले ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।व्यापारी संघ के सदस्य सोमवार को रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी से मिले और समस्या के समाधान की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने बताया कि दुकान खोलते ही उन्हें नाक बंद करनी पड़ती है। बदबू के कारण ग्राहक दो मिनट से अधिक समय तक दुकानों में नहीं रुकते, जिससे उनकी बिक्री पर सीधा असर पड़ रहा है।व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम समय पर टैक्स और यूजर चार्ज तो वसूल करता है, लेकिन मूलभूत सुविधाएं देने में विफल साबित हो रहा है। उनका आरोप है कि सार्वजनिक शौचालय से उठने वाली सड़ांध के कारण पूरे बाजार का वातावरण दूषित हो गया है। मक्खी-मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और बीमारी फैलने का खतरा भी बना हुआ है।उन्होंने कहा कि एक ओर नगर निगम “स्मार्ट सिटी” का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर राजधानी के प्रमुख बाजारों की यह स्थिति उसकी व्यवस्थाओं की पोल खोल रही है। व्यापारियों के अनुसार, “व्यापारी टैक्स देता है, वोट देता है, लेकिन बदले में उसे बदबू मिलती है। यह सार्वजनिक सुविधा नहीं, बल्कि सार्वजनिक परेशानी बन चुकी है।”व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है और नियमित सफाई के बजाय सिर्फ पानी का छिड़काव कर औपचारिकता निभाई जाती है। उन्होंने कहा कि बाजार में आने वाली महिलाओं और बुजुर्गों को भी नाक बंद कर इस क्षेत्र से गुजरना पड़ता है, जो स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।व्यापारियों की प्रमुख मांगें7 दिनों के भीतर सभी मूत्री खोलियों की गहन सफाई कर उन्हें उचित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।प्रत्येक सार्वजनिक प्रसाधन पर सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी और समय-सारिणी का बोर्ड लगाया जाए तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई हो।व्यापारियों से वसूले जाने वाले स्वच्छता कर और यूजर चार्ज का हिसाब सार्वजनिक किया जाए और बताया जाए कि इसका उपयोग किन सुविधाओं पर किया जा रहा है।व्यापारियों ने महापौर और नगर निगम प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि रायपुर को वास्तव में “बदबू मुक्त रायपुर” बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम टैक्स टन में लेता है, लेकिन सुविधा बदबू में देता है। अब समय आ गया है कि राजधानी के बाजारों को स्वच्छ और नागरिकों के लिए सम्मानजनक बनाया जाए।















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