पुरी धाम में श्री जगन्नाथ जी की पावन चंदन यात्रा आज से प्रारम्भ हो रही है।अक्षय तृतीया के शुभ अवसर से शुरू होकर यह दिव्य उत्सव 21 दिनों तक चलता है।उसी परंपरा के अनुसार रायपुर के खो-खो तालाब में भी 3 मई को प्रभु जी का भव्य नौका विहार आयोजित होगा। दोपहर 4 से 6 बजे तक श्री जगन्नाथ जी नौका विहार करेंगे।इस दौरान प्रभु मदन मोहन स्वरूप में प्रतिदिन श्री मंदिर से डोली में विराजमान होकर चंदन तालाब तक पधारते हैं। वहाँ भक्तगण श्रद्धा और भक्ति के साथ उत्सव मनाते हुए प्रभु का नौका विहार कराते हैं। यह अद्भुत दृश्य मन को आनंद और शांति से भर देता है।मान्यता है कि श्री कृष्ण जी ने द्वापर युग में बैसाख और जेठ की तपती गर्मी में अपने सखाओं के साथ जल विहार कर शीतलता का अनुभव किया। जेठ पूर्णिमा को अत्यधिक स्नान के कारण उन्हें ज्वर हो गया, तब माता यशोदा ने उन्हें शयन कक्ष के द्वार पर ही विश्राम कराया।उसी परंपरा के अनुसार आज भी प्रभु लगभग 20 दिनों तक नौका विहार करते हैं। जेठ पूर्णिमा को स्नान यात्रा होती है, जिसमें चारों विग्रहों को 108 कलश पवित्र जल से स्नान कराया जाता है। इस दिन प्रभु मंदिर से बाहर आकर भक्तों को दर्शन देते हैं।इसके पश्चात 15 दिनों तक प्रभु दर्शन नहीं देते (अनवसर काल), इस दौरान उन्हें काढ़ा का भोग अर्पित किया जाता है और चंदन का लेप किया जाता है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष एकम (नयन यात्रा) के दिन प्रभु पुनः स्वस्थ होकर भक्तों को दर्शन देते हैं।कुछ बुजुर्गों के अनुसार, लगभग 40 वर्ष पूर्व टुरी हटरी मंदिर से श्री जगन्नाथ जी यहाँ नौका विहार के लिए आते थे। प्रभु की प्रेरणा से दो वर्ष पहले इस परंपरा का पुनः शुभारंभ गोपिया पारा के भागवताचार्य राम अवतार पाण्डेय एवं कुशालपुर श्री जगन्नाथ मंदीर के सेवक पं. अरविन्द अवस्थी द्वारा किया गया।आइए, इस दिव्य उत्सव में शामिल होकर प्रभु की कृपा प्राप्त करें।
श्री जगन्नाथ जी की पावन चंदन यात्रा, 3 मई को प्रभु जी का भव्य नौका विहार आयोजित रायपुर।













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