रायपुर, 4 अगस्त 2026।छत्तीसगढ़ सरकार ने विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) समुदाय के युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निर्देश पर प्रदेश में होने वाली 5000 शैक्षिक पदों की नवीन भर्ती में PVTG वर्ग के अभ्यर्थियों को डी.एड. (D.El.Ed.) एवं टीईटी (TET) की अनिवार्यता में शिथिलता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।सरकार का मानना है कि इस निर्णय से विशेष पिछड़ी जनजातियों के प्रतिभाशाली युवाओं को शिक्षक बनने का अवसर मिलेगा और दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विशेष पिछड़ी जनजातियों के शैक्षिक और सामाजिक उत्थान के लिए यह निर्णय मील का पत्थर साबित होगा।स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। भर्ती प्रक्रिया में दी गई यह शिथिलता PVTG समुदाय के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक होगी।सरकार के इस फैसले का विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के युवाओं और सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया है। माना जा रहा है कि इससे प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में स्थानीय शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार होगा।
5000 शैक्षिक पदों की भर्ती में PVTG अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, डी.एड. और टीईटी में मिलेगी शिथिलता।














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