महाराष्ट्र राज्य के वाशिम जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर अनसीग ग्राम मुख्यालय में श्रृंगी ऋषि का मंदिर एवं आश्रम दर्शन करके हृदय गदगद हो गयाlभगवान श्रृंगी ऋषि के आशीर्वाद से यह मेरा 63वा स्थान आश्रम भ्रमण है जिसमें सर्वाधिक स्वतंत्र रूप से ऋषिराज का यह मंदिर भव्यतम है lऐसी मान्यता है कि यहां पर जो भी बाह्य आगंतुक भक्त शरणागत होता है वह ऐश्वर्यासाली एवं धनवान बन जाता है lयहां पर मनोरथ पूर्ण होने पर भक्त मुंह में रशि बांधकर पीछे अपनी मन्नत के अनुसार बेल गाड़ी खींच लेता है जो अद्भुत है lगांव में आश्रम के चारों तरफ श्रृंगी ऋषि की सैकड़ो बीघा जमीन trust के नाम है परंतु ट्रस्ट की लापरवाही से अधिकांश भूमि पर अतिक्रमण हो चुका है जो दुखद है lसौभाग्य से श्रृंगी ऋषि के भक्त श्री विनोद जी मेवाड़ा- थरोदा के गुलाबपुरा वाले के सहयोग से मेरी मुलाकात महाराष्ट्र राज्य के शिवसेना प्रमुख (एकनाथ शिंदे ग्रुप) के राजस्थान प्रभारी श्रीमान श्याम सिंह जी गढ़वाल से हुई आश्रम विकास के बारे में चर्चा के दौरान उन्होंने अवगत कराया की आश्रम में भक्त निवास तथा गार्डन आदि विकास हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रशासन द्वारा जारी की जा चुकी है शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा lवाशिम – पुसद. हाईवे पर श्रृंगी ऋषि का भव्य प्रवेश द्वार देखकर गर्व से छाती चोड़ी हो गई
lशिवराज शर्मा मोटरस
ऋषि श्रृंग एक खोज अभियान के तहत














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