आज ही के दिन 17 जून 2013 को केदारनाथ आपदा में असमय काल कवलित हुए जोशी परिवार (फेनीवाले, बाघणा वाले) के सभी 12 सदस्यों को भावभीनी और विनम्र श्रद्धांजलि।
यह दिन उत्तराखंड और पूरे देश के इतिहास में एक बेहद संवेदनशील, हृदयविदारक और कभी न भूलने वाला दुखद अध्याय है। आपदा में खोए परिजनों का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके पीछे छूटे परिवार तथा प्रियजनों को यह गहरा दुख सहन करने की शक्ति और संबल
जोशी परिवार फेनीवाले, बाघणा वाले के 12 सदस्य काल कवलित हुए थे श्री नारायण लाल जी जोशी, श्री मति रूपीबाई जोशी, श्री मदनलाल जी जोशी, श्री मति मुनिया देवी जोशी, श्री मति लीला पांड्या, श्री मती कमला पुरोहित गुड्डी, पवन जोशी, ज्योति जोशी, मास्टर सोनु पांडया, कुमारी विंपु जोशी, कुमारी गोटु जोशी मास्टर श्री जोशी, भरापूरा जोशी परिवार हमसे बिछड़ गये थे।शत शत नमन करते हैं ।
16 और 17 जून 2013 को केदारनाथ (उत्तराखंड) में आई विनाशकारी बाढ़ और बादल फटने की घटना में आधिकारिक रूप से 4,000 से अधिक लोगों की जान गई थी, जबकि 5,000 से अधिक लोग लापता हो गए थे。 कुछ रिपोर्टों और अनुमानों में इस त्रासदी में मरने वालों की कुल संख्या 6,000 से भी अधिक आंकी गई है。आपदा के मुख्य विवरण:घटना का कारण: लगातार भारी बारिश, बादल फटने और चोराबाड़ी झील (Chorabari Lake) का तटबंध टूटने के कारण मंदाकिनी और सरस्वती नदियां उफान पर आ गईं थीं。तबाही का दायरा: इस जलप्रलय ने केदारनाथ मंदिर के आसपास के पूरे इलाके, होटलों, और रामबाड़ा जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों को पूरी तरह से मलबे में बदल दिया था。













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