भीलवाड़ा। सिखवाल समाज द्वारा मां शांता एवं भगवान श्रृंग ऋषि के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में 25 से 29 जुलाई 2026 तक आयोजित पांच दिवसीय श्रृंग ऋषि जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक सरोकारों के साथ संपन्न हुआ। महोत्सव के दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सेवा गतिविधियों की श्रृंखला ने समाज को एकजुट करने का कार्य किया।मीडिया प्रभारी विनोद सुखवाल एवं आयोजन समिति अध्यक्ष नारायण लाल ने बताया कि महोत्सव के दौरान भीलवाड़ा समाज की “सुखवाल दर्शन” नामक पुस्तिका का विमोचन किया गया। इस पुस्तिका में शहर के लगभग 1151 परिवारों तथा विवाह योग्य युवक-युवतियों का विस्तृत परिचय प्रकाशित किया गया है, जो समाज के लिए उपयोगी संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी।मां शांता-श्रृंग ऋषि मंदिर में भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। वहीं मां शांता श्रृंगी सेवा संस्थान एवं वात्सल्य श्रृंग संस्थान, गायत्री नगर स्थित सिखवाल भवन में आयोजित विशाल रक्तदान शिविर में समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 47 यूनिट रक्तदान किया।भारतीय सिखवाल युवा संस्थान द्वारा सुखाड़िया सर्किल पर पौधारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 11 पौधे लगाए गए।सिखवाल सेवा संस्थान, सुभाष नगर के आयोजन समिति सचिव मोहनलाल पाण्डिया ने बताया कि परशुराम सर्किल से निकली विशाल भगवा वाहन रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए ऋष्य श्रृंग संस्थान पहुंची। रैली में बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुष एवं युवाओं ने भगवा ध्वजों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया।सूचना केन्द्र चौराहे पर महिला प्रकोष्ठ अध्यक्षा श्रीमती लीला शर्मा के सान्निध्य में भगवान श्रृंग ऋषि एवं माता शांता की महाआरती संपन्न हुई। इस अवसर पर युवा प्रकोष्ठ द्वारा आकर्षक आतिशबाजी भी की गई।गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर ऋष्य श्रृंग संस्थान, हरणी महादेव रोड पर 51 बटुक पंडितों के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशाल हवन आयोजित किया गया। हवन के उपरांत समाज के मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित हुआ, जिसमें कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 32 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।महोत्सव का समापन समाज बंधुओं के लिए आयोजित भोजन प्रसादी (भंडारे) के साथ हुआ। आयोजक ऋष्य श्रृंग संस्थान ने सभी समाजजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग और सहभागिता से पांच दिवसीय जन्मोत्सव ऐतिहासिक एवं सफल रहा।




















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