स्कूल में कथित टोना-टोटका का मामला: बच्चों के बीच अंधविश्वास फैलाने के आरोप, जांच की मांग।

स्कूल में कथित टोना-टोटका का मामला: बच्चों के बीच अंधविश्वास फैलाने के आरोप, जांच की मांग

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में एक शिक्षिका द्वारा कथित रूप से कान की बाली खोजने के लिए टोना-टोटका कराए जाने का मामला चर्चा में है। सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों के अनुसार, इस घटना के दौरान स्कूली बच्चों की मौजूदगी में ऐसे अनुष्ठान कराए गए, जिससे बच्चों में भय और अंधविश्वास फैलने की आशंका जताई जा रही है।इस मामले को लेकर लोगों ने प्रदेश के शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव से घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित शिक्षिका के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालय बच्चों को वैज्ञानिक सोच, तर्कशीलता और संवैधानिक मूल्यों की शिक्षा देने का स्थान है, इसलिए वहां किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या टोना-टोटका को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इस घटना को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणियां भी की हैं। हालांकि, ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और बिना प्रमाण किसी व्यक्ति या अन्य मामले से जोड़कर आरोप लगाना उचित नहीं है।शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में बच्चों के बीच वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना शिक्षा व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि इस प्रकार की कोई घटना हुई है, तो उसकी तथ्यात्मक जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि बच्चों में भय या अंधविश्वास का माहौल न बने।

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