नशे में दूल्हा, दुल्हन का बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल, जब सात फेरों से पहले ही दुल्हन ने ऐसा फैसला लिया….

*छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल में होने जा रही एक शादी उस वक्त सुर्खियों में आ गई,**नशे में दूल्हा, दुल्हन का बड़ा फैसला—शादी टूटी, फिर शुरू हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा!* जब सात फेरों से पहले ही दुल्हन ने ऐसा फैसला लिया जिसने पूरे माहौल को बदल दिया। बिलासपुर जिले से आई बारात, डीजे की धुन, खुशियों का माहौल—सब कुछ पलभर में विवाद और हंगामे में बदल गया।बारात आई, लेकिन खुशी ज्यादा देर टिक नहीं पाईजानकारी के मुताबिक, बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र से कोरमी निवासी राजू मंडल की बारात पूरे धूमधाम से कसडोल पहुंची थी। बाराती नाचते-गाते दुल्हन के घर पहुंचे। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन असली ट्विस्ट तब आया जब दूल्हा गाड़ी से उतरा।दूल्हे की हालत देख दुल्हन ने लिया बड़ा फैसलाजैसे ही दूल्हा द्वारचार के लिए उतरा, वह लड़खड़ाने लगा। उसकी हालत देखकर दुल्हन और उसके परिवार को साफ समझ आ गया कि दूल्हा नशे में है।दुल्हन ने बिना किसी दबाव के साफ शब्दों में कहा—“मैं ऐसे लड़के से शादी नहीं करूंगी।”इस फैसले में परिवार ने भी उसका पूरा साथ दिया और मौके पर ही शादी तोड़ दी गई।शादी टूटी, तो शुरू हुआ बवालशादी टूटते ही माहौल गरमा गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद शुरू हो गया।दूल्हे पक्ष ने आरोप लगाया कि:उन्हें रोका गयाबारातियों को बंधक बनाया गयापहले ₹20 लाख, फिर ₹7 लाख मुआवजे की मांग की गईहालांकि, मौके पर मौजूद कई बाराती माहौल बिगड़ता देख वापस लौट गए।पुलिस पहुंची, तो खुली सच्चाईदूल्हे के दादा मनीराम मंडल ने बिलासपुर के तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और कसडोल पुलिस से संपर्क किया गया।जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो तस्वीर कुछ अलग ही निकली— दूल्हा और उसके परिजन आराम से खाना खा रहे थे बंधक बनाए जाने जैसी कोई स्थिति नहीं मिलीपुलिस का बयानथाना प्रभारी किशोर केंवट ने बताया कि मामला उनके थाना क्षेत्र का नहीं है, इसलिए जानकारी कसडोल पुलिस को भेज दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:बंधक बनाने की बात सही नहीं पाई गईलेकिन पैसों को लेकर दोनों पक्षों में विवाद जरूर है फिलहाल क्या स्थिति है?अभी दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है। मामला शांत कराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह घटना इलाके में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। बड़ी बात क्या है?यह घटना सिर्फ एक शादी टूटने की नहीं, बल्कि एक साहसी फैसले की भी है—जहां दुल्हन ने सामाजिक दबाव के आगे झुकने के बजाय अपने आत्मसम्मान को प्राथमिकता दी।निष्कर्ष:खुशियों से भरी एक रात, अचानक विवाद में बदल गई। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने एक संदेश जरूर दिया—रिश्तों की शुरुआत सम्मान और समझदारी से होनी चाहिए, समझौते से नहीं।

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