3 अक्टूबर 2026/रायपुर। आगामी नवरात्रि पर्व को लेकर रायपुर जिले में होने वाले गरबा एवं डांडिया आयोजनों की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है। इस संबंध में जिला अध्यक्ष योगेश सैनी, जिला मंत्री रूपनारायण साहू और जिला संयोजक भूषण साहू ने जिलाधीश के नाम ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में कहा गया है कि नवरात्रि के दौरान जिले के विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में गरबा एवं डांडिया कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इन आयोजनों में महिलाओं, बालिकाओं और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भागीदारी होती है। ऐसे में धार्मिक मर्यादा के साथ सुरक्षा, अनुशासन और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है।महिला सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की मांगज्ञापन में प्रत्येक गरबा पंडाल में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा स्वयंसेवकों तथा आवश्यकता के अनुसार महिला सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था करने की मांग की गई है। साथ ही प्रवेश और निकास की अलग एवं व्यवस्थित व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग तथा महिलाओं और बालिकाओं की शिकायत के लिए तत्काल शिकायत व्यवस्था उपलब्ध कराने की बात कही गई है।CCTV और सुरक्षा व्यवस्था पर जोरगरबा पंडालों तथा प्रवेश-निकास मार्गों पर पर्याप्त CCTV कैमरे लगाने और उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की मांग की गई है, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में जांच में सहायता मिल सके। आयोजक समितियों के प्रमुख पदाधिकारियों और सुरक्षा व्यवस्था में लगे स्वयंसेवकों की सूची संबंधित पुलिस थाने या प्रशासन को उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया गया है।सभी पर समान सुरक्षा नियम लागू करने की मांगज्ञापन में कहा गया है कि पंडाल में प्रवेश करने वाले सभी लोगों पर समान और गैर-भेदभावपूर्ण सुरक्षा नियम लागू किए जाएं। किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध या कानून-विरुद्ध प्रतीत होने पर आयोजक स्वयं विवाद या कार्रवाई न करें, बल्कि तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दें।धार्मिक मर्यादा और आपत्तिजनक गतिविधियों पर रोकज्ञापन में गरबा एवं पूजा कार्यक्रमों की धार्मिक मर्यादा और निर्धारित पूजा-पद्धति का पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई है। साथ ही अश्लील या आपत्तिजनक गतिविधियों तथा किसी समुदाय या धर्म के प्रति वैमनस्य उत्पन्न करने वाली सामग्री, नारे या गीतों पर रोक लगाने की मांग की गई है।अग्निशमन और आपातकालीन व्यवस्था भी जरूरीगरबा पंडालों में अग्निशमन व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा, आपातकालीन निकास, प्राथमिक चिकित्सा और भीड़ नियंत्रण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। वहीं ध्वनि-विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल प्रशासन की अनुमति और लागू नियमों के अनुसार किए जाने की बात कही गई है।अफवाहों पर निगरानी और पुलिस को तत्काल सूचनाज्ञापन में सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री, अफवाह अथवा साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न करने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखने और ऐसी किसी भी स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की मांग की गई है। साथ ही आयोजकों को कानून अपने हाथ में नहीं लेने तथा किसी संदिग्ध व्यक्ति से स्वयं पूछताछ या मारपीट करने के बजाय पुलिस को सूचना देने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है।प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से जिले के प्रमुख गरबा पंडालों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और आवश्यकता के अनुसार पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की है।ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि मांगों का उद्देश्य किसी व्यक्ति या समुदाय को लक्ष्य बनाना नहीं, बल्कि नवरात्रि पर्व की धार्मिक गरिमा बनाए रखते हुए महिलाओं, बालिकाओं और सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करना है।
















