4 अक्टूबर 2026/रायपुर में Wood Castle के बाद तेलीबांधा में प्रस्तावित गरबा आयोजन को लेकर भी विरोधरायपुर। पितृ पक्ष के दौरान रायपुर में आयोजित गरबा कार्यक्रमों को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। छत्तीसगढ़ बजरंग दल ने पितृ पक्ष में गरबा आयोजन को सनातन धर्म और धार्मिक परंपराओं के विपरीत बताते हुए इसका विरोध किया है।बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना है कि रायपुर के Wood Castle में चल रहे गरबा आयोजन को विरोध के बाद बंद कराया गया। संगठन ने अब 4 अक्टूबर 2026 को तेलीबांधा क्षेत्र में प्रस्तावित गरबा आयोजन का भी विरोध करने और इसे बंद कराने की चेतावनी दी है।संगठन का कहना है कि पितृ पक्ष सनातन परंपरा में पूर्वजों के स्मरण और पितरों के तर्पण का महत्वपूर्ण समय माना जाता है। ऐसे समय में गरबा जैसे आयोजनों से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। बजरंग दल ने आयोजकों से ऐसे कार्यक्रमों को तत्काल रोकने की मांग की है।कार्यकर्ताओं ने आयोजनों में कथित फूहड़ता और अश्लीलता को लेकर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि मनोरंजन के नाम पर सनातन धर्म और संस्कृति की मर्यादा प्रभावित करने वाले आयोजनों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।बजरंग दल ने आम जनता से भी ऐसे आयोजनों के औचित्य पर सवाल उठाने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की है। संगठन से जुड़े लोगों का यह भी कहना है कि जनप्रतिनिधियों, नेताओं और मंत्रियों को ऐसे विवादित आयोजनों में शामिल होने से बचना चाहिए, ताकि धार्मिक भावनाओं और सनातन परंपराओं का सम्मान बना रहे।वहीं, संगठन ने प्रशासन से पितृ पक्ष के दौरान आयोजित किए जा रहे ऐसे कार्यक्रमों की जांच कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आयोजकों और संबंधित कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।हालांकि, आयोजन से जुड़े पक्ष और प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या स्थिति है, यह स्पष्ट होना अभी बाकी है।















