रायगढ़ जनसुनवाई गेल इंडिया को राज्य महिला आयोग छत्तीसगढ ने किया रायपुर तलब, देना होगा 2.50 लाख रू.।बिलाईगढ़ ( सी.एम.ओ ) के लैंगिक उत्पीडन मामले की वजह से आयोग करेगा निलंबन करने की अनुशंसा।जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़ को एक प्राचार्य का अन्यत्र स्थानांतरण की अनुशंसा।

रायगढ़


दिनांक 06.07.2026 रायगढ़ जिले में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक एवं संभाग प्रभारी श्रीमती सरला कोसरिया ने जिला रायगढ़ के सृजन सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रस्तुत प्रकरणों पर जन सुनवाई की छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर 409 एवं जिला में 10 वां जन सुनवाई हुई। प्रकरण संख्या 46 थे।
आज के जनसुनवाई में गेल इंडिया के कर्मचारी उपस्थित हुए। अनावेदक क्रमांक 1, 2 , 3 , 4, एवं 5 की ओर से साईट इंजीनियर उपस्थित हुए, मूल शिकायत अनावेदक क्रमांक 05 के खिलाफ ही है, जो हर बार अपनी जगह में किसी और को सुनवाई हेतु भेज देते है। गेल इंडिया के जनरल मैनेजर सुरेश बाबू जो रायपुर भांठागांव के आॅफिस मे बैठते है। उनका मोबाईल नंबर ई मेल आई अभिलेख में लिया गया। आवेदिका के जमीन के बीचो बीचो गेल इंडिया ने गैस पाईप बीछाया है। जिसमें आवेदिका का स्थाई बोरवेल 400 फीट खोदा गया है। जिसमें पाईपलाईन डली हुई, उस बोरवेल को खोदने हेतु 2.50 लाख रू खर्च है व पाईपलाईन से 02 मीटर अंदर है एवं अनावेदक क्रमंाक 05 द्वारा उपयोग हेतु रोक लगाया गया हैै एवं निर्णय लेने हेतु अपनी असहमति जताई है। गेल इंडिया के जनरल मेनेजर को उक्त प्रकरण के संबंध में जानकारी देने कहते हुये 2.50 लाख चेक अथवा बोरेवेल खुदवाने कहा गया एवं 09 जुलाई को सुरेश बाबू को राज्य महिला आयोग के समक्ष उपस्थित होने कहा गया है व उपस्थित नही होने पर आवेदिका को थाने में एफ.आई.आर दर्ज कराने एवं दिवानी मामला प्रस्तुत कर सकेगी। अंतिम निर्णय 09.07.2026 को रायपुर में नियत किया गया। उक्त प्रकरण से अनावेदक क्रमांक 1,2,3, को मुक्त रखा जाता है। लेकिन अनावेदक क्रमांक 05 के द्वारा आवेदिका को मुआवजा नही दिये जाने की स्थिति में अनावेदक क्रमांक 1,2,3 एवं 4 की संयुक्त रूप से जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी।
अन्य प्रकरण आज के जनसुनवाई सभी आवेदिकागणों ने अनावेदिक जो वार्ड नंबर 07 मेन्ड्रा घरघोडा में मितानिन है । सभी आवेदिकागण उनके कार्य से असंतुष्ट है। उसे अपने वार्ड में मितानिन कार्य से रोकना चाहते है और मितानिन बदलने के लिए ग्राम सरपंच मेंन्ड्रा को आयोग के द्वारा दी गई आर्डरशीट के प्रति के आधार पर अपने वार्ड से मितानिन बबली चैहान की जगह अन्य को नियुक्त करने का आदेश दिया गया । आवेदिका को एक प्रति देते हुये प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

अन्य प्रकरण दोनों पक्ष पडीगांव पुसौर में के हाई स्कूल में वर्ष 2008 से वर्तमान तक कार्यरत है आवेदिका ने अनावेदक के खिलाफ के विभिन्न प्रकार की मानसिक प्रताडना करने हेतु आवेदन दिया है, अनावेदक आवेदिका को परेशान करता है एवं वेतन काटता है। इसी बीच आवेदिका का तलाक होने पर सरनेम चेंज का आवेदन डी.ओ को दिया है जहां से प्रस्ताव डी.पी.आई के लिए भेजा जा चुका है। परंतु आवेदिका नाम प्रक्रिया में अडंगा डालते हुये अनावेदक आवेदिका को परेशान कर रहे है। अतः एैसी स्थिति में आवेदिका का आवेदन पूर्णतः प्रमाणित होता है। अतः जिला शिक्षा रायगढ़ को यह अनुशंसा भेजी जाती है कि प्राचार्य को 15 दिवस के भीतर किसी अन्य विकासखंड में स्थानांतरित किया जावे ।
अन्य प्रकरण दोनों पक्ष के मध्य प्रक. परिवार न्यायालय में लंबित है। अनावेदक द्वारा स्वीकार किया गया कि उसने आवेदिका के नाम से किसी दूसरी महिला को खडा कर , फोटो लगाकर आवेदिका के भूमि को रजिस्ट्री करवाया है , दोनों पक्षों के मध्य बाद में थाने में सुलहनामा हो चुका है जिसमें आवेदिका के हस्ताक्षर है। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। जिस कारण प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
अन्य प्रकरण आवेदिका ने बताया कि उनके पति को थाने द्वारा 10 घंटे से बिठाया गया था। जिसको लेकर आवेदिका ने आयोग में शिकायत किया था। अनावेदक पक्ष ने बताया कि अनावेदिका के पति के साथ सभी रिश्तेदार भी थाने आये व राजिनामा हो गया है। प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया ।
अन्य प्रकरण दोनों पक्षो ने बताया कि उनके मध्य सुलहनामा हो चुका है व दोनों 08 माह से साथ रह रहे है व कोई कार्यवाही नही चाहते है। प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया
अन्य प्रकरण आवेदिका की ओर से उनकी माता उपस्थित हुई, व बताया कि सुलहनामा हो चुका है, सामान व नगद प्राप्त हो चुका है। अतः आवेदिका की ओर से प्रकरण नस्तीबद्ध कराया गया ।
अन्य प्रकरण आवेदिका का कहना है कि उनके अकेले का मकान अनावेदक पक्ष द्वारा तोड गया है व आवेदिका के 03 बच्चें है व रहने की कोई व्यवस्था नही है । रायगढ़ डी.पी.ओ को आवेदिका के सहयोग हेतु अधिकृत किया जाकर कलेक्टर रायगढ़ से संपंर्क करें ताकि आवेदिका को रहने हेतु छत मिल सके।

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रायगढ़/10 जुलाई

रायगढ़ जनसुनवाई _ गेल इंडिया को राज्य महिला आयोग छत्तीसगढ ने किया रायपुर तलब, देना होगा 2.50 लाख रू.।बिलाईगढ़ ( सी.एम.ओ ) के लैंगिक उत्पीडन मामले की वजह से आयोग करेगा निलंबन करने की अनुशंसा। जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़ को एक प्राचार्य का अन्यत्र स्थानांतरण की अनुशंसादिनांक 06.07.2026 रायगढ़ जिले में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक एवं संभाग प्रभारी श्रीमती सरला कोसरिया ने जिला रायगढ़ के सृजन सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रस्तुत प्रकरणों पर जन सुनवाई की छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर 409 एवं जिला में 10 वां जन सुनवाई हुई। प्रकरण संख्या 46 थे। आज के जनसुनवाई में गेल इंडिया के कर्मचारी उपस्थित हुए। अनावेदक क्रमांक 1, 2 , 3 , 4, एवं 5 की ओर से साईट इंजीनियर उपस्थित हुए, मूल शिकायत अनावेदक क्रमांक 05 के खिलाफ ही है, जो हर बार अपनी जगह में किसी और को सुनवाई हेतु भेज देते है। गेल इंडिया के जनरल मैनेजर सुरेश बाबू जो रायपुर भांठागांव के आॅफिस मे बैठते है। उनका मोबाईल नंबर ई मेल आई अभिलेख में लिया गया। आवेदिका के जमीन के बीचो बीचो गेल इंडिया ने गैस पाईप बीछाया है। जिसमें आवेदिका का स्थाई बोरवेल 400 फीट खोदा गया है। जिसमें पाईपलाईन डली हुई, उस बोरवेल को खोदने हेतु 2.50 लाख रू खर्च है व पाईपलाईन से 02 मीटर अंदर है एवं अनावेदक क्रमंाक 05 द्वारा उपयोग हेतु रोक लगाया गया हैै एवं निर्णय लेने हेतु अपनी असहमति जताई है। गेल इंडिया के जनरल मेनेजर को उक्त प्रकरण के संबंध में जानकारी देने कहते हुये 2.50 लाख चेक अथवा बोरेवेल खुदवाने कहा गया एवं 09 जुलाई को सुरेश बाबू को राज्य महिला आयोग के समक्ष उपस्थित होने कहा गया है व उपस्थित नही होने पर आवेदिका को थाने में एफ.आई.आर दर्ज कराने एवं दिवानी मामला प्रस्तुत कर सकेगी। अंतिम निर्णय 09.07.2026 को रायपुर में नियत किया गया। उक्त प्रकरण से अनावेदक क्रमांक 1,2,3, को मुक्त रखा जाता है। लेकिन अनावेदक क्रमांक 05 के द्वारा आवेदिका को मुआवजा नही दिये जाने की स्थिति में अनावेदक क्रमांक 1,2,3 एवं 4 की संयुक्त रूप से जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी। अन्य प्रकरण आज के जनसुनवाई सभी आवेदिकागणों ने अनावेदिक जो वार्ड नंबर 07 मेन्ड्रा घरघोडा में मितानिन है । सभी आवेदिकागण उनके कार्य से असंतुष्ट है। उसे अपने वार्ड में मितानिन कार्य से रोकना चाहते है और मितानिन बदलने के लिए ग्राम सरपंच मेंन्ड्रा को आयोग के द्वारा दी गई आर्डरशीट के प्रति के आधार पर अपने वार्ड से मितानिन बबली चैहान की जगह अन्य को नियुक्त करने का आदेश दिया गया । आवेदिका को एक प्रति देते हुये प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। अन्य प्रकरण दोनों पक्ष पडीगांव पुसौर में के हाई स्कूल में वर्ष 2008 से वर्तमान तक कार्यरत है आवेदिका ने अनावेदक के खिलाफ के विभिन्न प्रकार की मानसिक प्रताडना करने हेतु आवेदन दिया है, अनावेदक आवेदिका को परेशान करता है एवं वेतन काटता है। इसी बीच आवेदिका का तलाक होने पर सरनेम चेंज का आवेदन डी.ओ को दिया है जहां से प्रस्ताव डी.पी.आई के लिए भेजा जा चुका है। परंतु आवेदिका नाम प्रक्रिया में अडंगा डालते हुये अनावेदक आवेदिका को परेशान कर रहे है। अतः एैसी स्थिति में आवेदिका का आवेदन पूर्णतः प्रमाणित होता है। अतः जिला शिक्षा रायगढ़ को यह अनुशंसा भेजी जाती है कि प्राचार्य को 15 दिवस के भीतर किसी अन्य विकासखंड में स्थानांतरित किया जावे ।अन्य प्रकरण दोनों पक्ष के मध्य प्रक. परिवार न्यायालय में लंबित है। अनावेदक द्वारा स्वीकार किया गया कि उसने आवेदिका के नाम से किसी दूसरी महिला को खडा कर , फोटो लगाकर आवेदिका के भूमि को रजिस्ट्री करवाया है , दोनों पक्षों के मध्य बाद में थाने में सुलहनामा हो चुका है जिसमें आवेदिका के हस्ताक्षर है। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। जिस कारण प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। अन्य प्रकरण आवेदिका ने बताया कि उनके पति को थाने द्वारा 10 घंटे से बिठाया गया था। जिसको लेकर आवेदिका ने आयोग में शिकायत किया था। अनावेदक पक्ष ने बताया कि अनावेदिका के पति के साथ सभी रिश्तेदार भी थाने आये व राजिनामा हो गया है। प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया । अन्य प्रकरण दोनों पक्षो ने बताया कि उनके मध्य सुलहनामा हो चुका है व दोनों 08 माह से साथ रह रहे है व कोई कार्यवाही नही चाहते है। प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया अन्य प्रकरण आवेदिका की ओर से उनकी माता उपस्थित हुई, व बताया कि सुलहनामा हो चुका है, सामान व नगद प्राप्त हो चुका है। अतः आवेदिका की ओर से प्रकरण नस्तीबद्ध कराया गया । अन्य प्रकरण आवेदिका का कहना है कि उनके अकेले का मकान अनावेदक पक्ष द्वारा तोड गया है व आवेदिका के 03 बच्चें है व रहने की कोई व्यवस्था नही है । रायगढ़ डी.पी.ओ को आवेदिका के सहयोग हेतु अधिकृत किया जाकर कलेक्टर रायगढ़ से संपंर्क करें ताकि आवेदिका को रहने हेतु छत मिल सके।

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