रायपुर स्थित महामाया मंदिर, छत्तीसगढ़ की राजधानी के सबसे पुराने और प्रमुख मंदिरों में से एक है। यह मंदिर देवी दुर्गा के अवतार ‘माँ महामाया’ को समर्पित है।

महामाया मंदिर,

रायपुर का महामाया मंदिर (श्री राजराजेश्वरी माँ महामाया देवी मंदिर) छत्तीसगढ़ के सबसे प्राचीन और सिद्ध मंदिरों में से एक है। रायपुर की पुरानी बस्ती में स्थित यह मंदिर लगभग १४०० वर्ष पुराना है और इसे छत्तीसगढ़ के ३६ शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। इस ऐतिहासिक और चमत्कारी मंदिर का इतिहास निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं में समाहित है:१. उत्पत्ति और ऐतिहासिक पृष्ठभूमिहैहयवंशी राजाओं का योगदान: इतिहास के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना है,हयवंशी राजाओं के शासनकाल में हुई थी। जब उन्होंने इस क्षेत्र में ३६ किलों (छत्तीसगढ़) का निर्माण कराया था, तब हर किले के मुख्य द्वार पर महामाया माता के मंदिर स्थापित किए गए थे।राजा मोरध्वज की कथा: स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस सिद्ध मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा पौराणिक राजा मोरध्वज के हाथों की गई थी।मराठा शासनकाल: १७वीं और १८वीं शताब्दी के बीच मराठा शासकों द्वारा इस मंदिर का जीर्णोद्धार और विस्तार किया गया। Wikipedia +3२. तांत्रिक और वास्तु कलाश्रीयंत्र की आकृति: मंदिर का गर्भगृह और गुंबद तांत्रिक विधि से बनाए गए हैं। इसकी बनावट ‘श्रीयंत्र’ के समान है, जिसे स्वयं महालक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। प्रमुख देवी-देवताइस मंदिर में तीनों देवियां—माँ महाकाली, माँ महालक्ष्मी और माँ सरस्वती (माँ समलेश्वरी के रूप में)—एक साथ विराजमान हैं। नवरात्रि और मान्यताचैत्र और शारदीय नवरात्रि: यहाँ नवरात्रि के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है और मनोकामना पूर्ण होने पर भक्तों द्वारा हजारों की संख्या में ज्योति कलश (दीये) जलाए जाते हैं।चमत्कारिक मान्यता: स्थानीय लोगों का अटूट विश्वास है कि मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।

दर्शन का समय और त्यौहार

  • दर्शन का समय: मंदिर सुबह जल्दी खुल जाता है, दोपहर में दो तीन घंटे के लिए बंद हो जाता है,शाम 4 बेज के करीब खुल जाता है। सुबह,शाम की आरती के समय यहाँ भक्तों की भीड़ होती है।
  • त्यौहार: चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान यह मंदिर पूरे दिन खुले रहते है नवरात्रि में यहाँ विशेष उत्सव मनाए जाते हैं। मनोकामना पूरी करने के लिए इन नौ दिनों तक मंदिर में ‘अखंड ज्योति कलश’ प्रज्वलित किए जाते हैं।

मंदिर तक कैसे पहुँचें

  • सड़क मार्ग: रायपुर के पुरानी बस्ती में यह मंदिर, है शहर के सभी हिस्सों से स्थानीय परिवहन (ऑटो/टैक्सी) द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।
  • रेलवे स्टेशन: रायपुर जंक्शन से मंदिर की दूरी मात्र \(4.8\) किलोमीटर है।
  • हवाई अड्डा: स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट (रायपुर) से मंदिर लगभग 15 किलोमीटर दूर है।

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