छत्तीसगढ़ के बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक दीपेश साहू ने समाज में सादगी और फिजूलखर्ची के खिलाफ एक अनोखी मिसाल पेश की है। 31 मई 2026 को उन्होंने राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में अपनी मंगेतर तरुणा साहू के साथ सात फेरे लिए।
इस अनोखी शादी और बारात से :
- बैलगाड़ी में बारात: विधायक दीपेश साहू किसी लग्जरी कार या वीआईपी काफिले के बजाय पारंपरिक छत्तीसगढ़ी अंदाज में बैलगाड़ी पर सवार होकर अपनी बारात लेकर निकले।
- सारथी बने उप मुख्यमंत्री: इस वीआईपी बारात के सारथी स्वयं छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव बने, जिन्होंने बैलगाड़ी में सवार होकर इस ऐतिहासिक पल का नेतृत्व किया और दूल्हे राजा के साथ पहुंचे।
- सामूहिक विवाह में फेरे: किसी भव्य पैलेस के बजाय विधायक ने बेमेतरा में 23 अन्य गरीब जोड़ों के साथ मंच साझा किया और सामूहिक विवाह सम्मेलन में ही शादी की।
- दहेज और दिखावे का विरोध: राजनीति में आने से पहले एक सरकारी शिक्षक रहे दीपेश साहू ने बताया कि वे इस वैश्विक और सामाजिक दौर में फिजूलखर्ची और कर्ज लेकर शादी करने की कुप्रथा को तोड़ना चाहते थे, ताकि समाज के अन्य लोगों को प्रेरणा मिले।
- दिग्गजों का आशीर्वाद: इस सादगी भरे आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और केंद्रीय मंत्री तोखन साहू सहित कई बड़े राजनेता घराती और बाराती के रूप में नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने पहुंचे।
यह कदम न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में फिजूलखर्ची के खिलाफ और सादगी को अपनाने के लिए एक मिसाल बन गया है।
















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