आजाद भारत के आजाद हाईवे की बदहाल तस्वीर,NH-45 पर बसों को मशीनों से खींचकर निकालने की नौबत,

15अगस्त 2026

बिलासपुर/पेंड्रा। स्वतंत्रता दिवस के बीच छत्तीसगढ़ से सड़क व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो विकास के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ऐसी तस्वीरें आज भी देश में ओर भी कई जगह देखने को मिल जाएगी, यह तो बिलासपुर और पेंड्रा जैसे दो प्रमुख जिलों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-45 (NH-45) की बदहाल स्थिति ने यात्रियों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और दलदल जैसी स्थिति बनने के कारण भारी वाहनों के साथ बसों के फंसने की तस्वीरें सामने आ रही हैं। हालात इतने खराब बताए जा रहे हैं कि फंसी हुई बसों को मशीनों की मदद से खींचकर बाहर निकालना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जिस सड़क को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है, उसकी स्थिति आखिर इतनी खराब कैसे हो गई?बारिश में और बिगड़ सकती है स्थितिस्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस बार बारिश अधिक होती तो सड़क की स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। लगातार बारिश की स्थिति में यात्रियों, स्कूली बच्चों, मरीजों, व्यापारियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।करोड़ों के काम और सड़क की बदहाली पर सवालसड़क निर्माण और विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद यदि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बसें फंसने लगें और उन्हें मशीनों से निकालना पड़े, तो निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है।स्थानीय स्तर पर लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि जिम्मेदार विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और शासन-प्रशासन आखिर इस स्थिति का संज्ञान क्यों नहीं ले रहे हैं। जनता यह जानना चाहती है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता के मानकों का पालन हुआ या नहीं और यदि लापरवाही हुई है तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी।स्वतंत्रता दिवस पर व्यवस्था से सवालस्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जब देश विकास और आत्मनिर्भरता का संकल्प ले रहा है, वहीं NH-45 की यह तस्वीर व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही से मुक्ति के बिना विकास का दावा अधूरा रहेगा।अब जरूरत है कि संबंधित विभाग सड़क की वास्तविक स्थिति का तत्काल निरीक्षण करे, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करते हुए आवागमन को सुरक्षित एवं सुगम बनाया जाए।स्थानीय लोगों का सवाल साफ है—आखिर विकास की इस तस्वीर के लिए जिम्मेदार कौन है और कब सुधरेगी बिलासपुर-पेंड्रा को जोड़ने वाली यह महत्वपूर्ण सड़क?

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