नक्सल मुक्त बीजापुर के 33 गांवों में पहली बार लहराएगा तिरंगा,स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार होगा ध्वजारोहण, ग्रामीणों में उत्साह और गर्व का माहौल।

बीजापुर, 14 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित रहे बीजापुर जिले के 33 गांव इस स्वतंत्रता दिवस पर एक ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे। दशकों तक नक्सल हिंसा और भय के कारण राष्ट्रीय पर्व से दूर रहे इन गांवों में 15 अगस्त को पहली बार शान से तिरंगा फहराया जाएगा। गांवों में राष्ट्रगान और देशभक्ति कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों में शांति, विकास और जनकल्याण को प्राथमिकता देने के बीच यह पहल क्षेत्र में बदलते हालात की महत्वपूर्ण तस्वीर पेश करती है। इन इलाकों में अब शासन की योजनाओं की पहुंच बढ़ रही है और ग्रामीण लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़कर विकास की नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।बीजापुर विकासखंड के 6 गांवों में पहली बार ध्वजारोहण बीजापुर विकासखंड के लेण्ड्रा, अण्ड्री, एड्समेटा, पेद्दापाल, कचिलवार और मोसला गांवों में पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। ग्रामीण इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर उत्साहित हैं।भैरमगढ़ के 15 गांवों में गूंजेगा राष्ट्रगान, भैरमगढ़ विकासखंड के बीराभट्टी, परकेली, पोनड़वाया, तुमीरगुण्डा, जारवा, गुण्डापुरी, आदवाड़ा, दामाराम, मुक्कावेली, झिल्ली, मार्रामेटा, एहकेली, पल्लेवाया, डोडूम और कड़मेर गांवों में भी पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा।भोपालपटनम के 7 और उसूर के 5 गांव भी बनेंगे साक्षी भोपालपटनम विकासखंड के सेण्ड्रा, पालसेगुण्डी, नीलमड़गू, बंदेपारा, कोरंजेड़, कचलारम और मरीमल्ला गांवों में ध्वजारोहण होगा। वहीं उसूर विकासखंड के कस्तूरपाड़, चिन्ना उटलापल्ली, पेद्दा उटलापल्ली, एड़ापल्ली और बोटेलंका गांव भी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनेंगे।तिरंगा बनेगा शांति और विश्वास का प्रतीकइन गांवों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाना केवल स्वतंत्रता दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र में शांति, लोकतंत्र और विकास की नई शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की पहुंच बढ़ने से ग्रामीणों में बेहतर भविष्य को लेकर उम्मीद मजबूत हुई है।15 अगस्त को जब इन 33 गांवों में तिरंगा शान से लहराएगा, तो यह नक्सल हिंसा के साए से निकलकर लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास की मुख्यधारा से जुड़ते बीजापुर की नई तस्वीर का संदेश देगा। ग्रामीणों के लिए यह दिन स्वतंत्रता, सम्मान और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदों से जुड़ा यादगार अवसर बनने जा रहा है।

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